Cyber Attack on Mexico: मैक्सिको की सरकारी नेटवर्क प्रणाली हाल ही में एक बड़े साइबर हमले के कारण सुर्खियों में आ गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, हैकर्स ने एआई चैटबॉट का सहारा लेकर सरकारी सिस्टम में सेंध लगाई और करीब 150GB संवेदनशील जानकारी चुरा ली. बताया जा रहा है कि चोरी हुए डेटा में करदाताओं का विवरण, आंतरिक दस्तावेज और कर्मचारियों के लॉगिन क्रेडेंशियल शामिल थे. इस हमले में एआई टूल Claude का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया.

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कैसे अंजाम दिया गया हमला?

मीडिया जानकारी के मुताबिक यह सेंधमारी दिसंबर में शुरू हुई और कई हफ्तों तक बिना पकड़े जारी रही. साइबर सुरक्षा कंपनी Gambit Security ने इस गतिविधि को ट्रैक करते हुए दावा किया कि हमलावर ने एआई की मदद से सरकारी नेटवर्क की कमजोरियों की पहचान की, हमले के लिए स्क्रिप्ट तैयार की और डेटा निकालने की प्रक्रिया को तेज किया.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शुरुआत में एआई ने गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग से इनकार किया लेकिन बार-बार और अलग-अलग तरीके से पूछे गए निर्देशों के जरिए सुरक्षा सीमाओं को दरकिनार किया गया. इस तरह एआई से विस्तृत रिपोर्ट और संभावित हमले की योजनाएं तैयार कराई गईं.

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कंपनी की प्रतिक्रिया और अतिरिक्त जांच

एआई विकसित करने वाली कंपनी Anthropic ने घटना की जांच की पुष्टि की है. कंपनी का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े अकाउंट बंद कर दिए गए हैं और दुरुपयोग रोकने के लिए अपने नए मॉडल में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़े गए हैं.

रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि हमलावर ने तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए ChatGPT का भी सहारा लिया. हालांकि, OpenAI ने कहा कि उसने नियमों के उल्लंघन की कोशिशों को पहचान लिया था और कई अनुरोधों को ब्लॉक कर दिया गया.

जिम्मेदार कौन और आगे क्या?

अब तक इस हमले के पीछे किसका हाथ है इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन कुछ विशेषज्ञ इसे किसी विदेशी राज्य समर्थित गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं.

मैक्सिको की ओर से सीमित प्रतिक्रिया आई है. कुछ सरकारी एजेंसियों ने अपने सिस्टम सुरक्षित होने का दावा किया है जबकि साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी नेटवर्क में कई बड़ी सुरक्षा खामियां मौजूद थीं.

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि एडवांस एआई टूल्स जहां नवाचार के नए रास्ते खोल रहे हैं, वहीं उनका दुरुपयोग गंभीर साइबर खतरों को भी जन्म दे सकता है. डिजिटल सुरक्षा के लिए अब पहले से ज्यादा सतर्क और मजबूत व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है.

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