Location Tracking: कई स्मार्टफोन यूजर्स को लगता है कि GPS बंद करने से लोकेशन ट्रैकिंग भी बंद हो सकती है. भले ही आप अपने डिवाइस का GPS बंद कर दें, लेकिन आप लोकेशन ट्रैकिंग को पूरी तरह बंद नहीं कर सकते. GPS के अलावा भी बहुत ऐसे तरीके हैं, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि आप किस शहर की किस जगह पर खड़े हैं. अगर आप इंटरनेट यूज नहीं करते हैं तब भी लोकेशन का पता लगाने के कई तरीके मौजूद हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे ही तरीके बताने जा रहे हैं, जिससे लोकेशन ट्रैक की जा सकती है.
लोकेशन बंद होने के बाद कैसे ट्रैकिंग होती है?
अगर आप फोन की लोकेशन को बंद करके यह सोच रहे हैं कि आपकी जगह का पता नहीं चलेगा तो आप गलत हैं. जियोलोकेशन के तरीके से आपकी जगह को एकदम पिनप्वाइंट किया जा सकता है. जियोलोकेशन के कई सिस्टम हैं, जिनके बारे में आप नीचे पढ़ेंगे.
मोबाइल टावर- आपके मोबाइल में नेटवर्क पहुंचाने वाले टावर आपकी लोकेशन का पता लगा सकते हैं. आप जिस कंपनी की सिम यूज करते हैं, वह सेल टावर की मदद से पता कर सकती है कि आप कहां खड़े हैं. इसके लिए आपके सबसे नजदीकी तीन मोबाइल टावर का यूज किया जाता है. इमरजेंसी और कानूनी मामलों में अकसर इस तरीके का इस्तेमाल होता है.
वाईफाई नेटवर्क- सभी स्मार्टफोन में वाईफाई चिप लगी होती है. जगह-जगह लगे वाईफाई राउटर और ओपन कनेक्शन इससे कनेक्ट होने के लिए लगातार सिग्नल भेजते रहते हैं. जब आपका फोन इन कनेक्शन में से किसी के साथ कनेक्ट होता है तो उससे भी आपकी लोकेशन का पता चल सकता है.
IP एड्रेस- अगर आप VPN के बिना इंटरनेट यूज करते हैं तो IP एड्रेस से आपकी लोकेशन पता चल सकती है. हालांकि, यह सटीक लोकेशन डिस्क्लोज नहीं करता है, लेकिन शहर के नाम और सर्विस प्रोवाइडर आदि की इंफोर्मेशन पता की जा सकती है.
स्टॉकरवेयर- बाकी तरीकों के अलावा स्टॉकरवेयर से भी लोकेशन ट्रैक की जा सकती है. ये एक तरह के स्पाईवेयर या मालवेयर होते हैं, जिन्हें यूजर की एक्टिविटी को इंटरसेप्ट करने के लिए डिजाइन किया जाता है. एक बार यूजर के फोन में इंस्टॉल होने के बाद ये मैसेज, ऐप्स और डेटा के साथ-साथ लोकेशन की भी एक्सेस हासिल कर सकते हैं. 2023 में हजारों यूजर्स को इस तरह के स्टॉकरवेयर से टारगेट किया गया था.
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