इस साल मार्च में गूगल और मेटा दोनों को एक कोर्ट केस में हार का सामना करना पड़ा था. मुकदमे की सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दोनों कंपनियों को 6 मिलियन डॉलर (लगभग 57 करोड़ भारतीय रुपये) का जुर्माने चुकाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा कि मेटा और गूगल को पता था कि उनके प्लेटफॉर्म्स खतरनाक हैं, लेकिन उन्होंने याचिकाकर्ता को इस बारे में आगाह नहीं किया था. याचिकाकर्ता के वकील मार्क लेनियर ने अब एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि उन्होंने इस मुकदमे की तैयारी एआई से की थी. 

Continues below advertisement

वकील ने एआई को बताया गेम चेंजर

लेनियर इस मामले में एक 20 वर्षीय लड़की को रिप्रेजेंट कर रहे थे, जिसका आरोप था कि इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स के एडिक्टिव फीचर्स के कारण उसे बचपन में नुकसान उठाना पड़ा था. लेनियर ने बताया कि उन्होंने इस मुकदमे की तैयारी में एआई का पूरा यूज किया था. एआई को गेम चेंजर बताते हुए लेनियर ने खुलासा किया कि उन्होंने Boodlebox नाम के एआई टूल को इस्तेमाल किया था. इसमें एक साथ ही चैटजीपीटी, क्लॉडड और जेमिनी की एक्सेस मिल जाती है और तीनों पर एक साथ काम किया जा सकता है.

Continues below advertisement

10 लोगों के बराबर काम कर रहा था एआई टूल- लेनियर

लेनियर ने बताया कि एआई ने एक तरह से उनकी टीम को बड़ा कर दिया. यह टूल 10 पूरी तरह ट्रेनिंग पाए हुए कर्मचारियों के बराबर काम कर रहा था. इसे हर फाइल की पूरी जानकारी है और यह 24 घंटे तक बिना कोई ब्रेक लिए काम कर सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि एआई से गलती होती है और यह टूल भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं था. इसने भी कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स सामने रखे, जो पूरी तरह सही नहीं थे. लेनियर ने मार्क जुकरबर्ग को क्रॉस-एग्जामिन करने वाले दिन भी इस एआई टूल्स की मदद से केस की तैयारी की थी. 

एआई टूल को ऐसा किया यूज

लेनियर ने इस एआई टूल को कई तरीकों से यूज किया और इससे अलग-अलग काम लिए. वो हर दिन कोर्ट की सुनवाई की ट्रांसक्रिप्ट इस टूल में फीड करते थे और फिर उसे एनलाइज करते. एआई उन्हें दलील के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट और जज के सामने किसी प्वाइंट को रखने का सबसे सही तरीके समेत कई चीजें बताता. हालांकि, कोर्ट में एआई के यूज को लेकर बहस जारी है और कई जज इस प्रैक्टिस को ठीक नहीं मानते.

ये भी पढ़ें-

Solar Panel लगवाने के बाद भी नहीं मिल रहा फायदा? ये हो सकते हैं कारण