Cyber Fraud: हैदराबाद के बंजारा हिल्स में रहने वाले 59 साल के एक व्यक्ति के साथ ऐसा साइबर फ्रॉड हुआ जिसने सबको चौंका दिया. एक मामूली से डिलीवरी मैसेज पर भरोसा करना उन्हें 2.49 लाख रुपये का नुकसान कर गया. यह मामला दिखाता है कि कैसे साइबर ठग छोटी-सी रकम के बहाने लोगों से बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे हैं.
कुरियर का इंतजार और ठगों का मौका
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित पिछले दो दिनों से DHL के एक पार्सल का इंतजार कर रहे थे और डिलीवरी को लेकर फॉलोअप भी कर रहे थे. 2 दिसंबर की सुबह करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया. इसमें लिखा था कि डिलीवरी की दो कोशिशें असफल हो चुकी हैं और दोबारा डिलीवरी के लिए 25 रुपये का शुल्क देना होगा. मैसेज में एक लिंक भी दिया गया था.
भरोसा करते ही खुल गया ठगी का रास्ता
पार्सल का इंतजार कर रहे व्यक्ति को यह मैसेज पूरी तरह असली लगा. उन्होंने बिना ज्यादा सोचे लिंक पर क्लिक किया. इसके बाद वह एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंचे, जो देखने में बिल्कुल भरोसेमंद लग रही थी. वहां उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी गई. थोड़ी देर बाद उनके फोन पर एक OTP आया जिसे उन्होंने 25 रुपये के भुगतान से जुड़ा समझ लिया.
OTP डालते ही उड़ गए 2.49 लाख रुपये
जैसे ही उन्होंने OTP दर्ज किया, उनके क्रेडिट कार्ड से 2.49 लाख रुपये की बड़ी रकम कट गई. तभी उन्हें अहसास हुआ कि कुछ गलत हो गया है. उन्होंने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया और बाद में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
कैसे काम करता है डिलीवरी OTP स्कैम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह OTP आधारित डिलीवरी स्कैम का एक क्लासिक उदाहरण है. ठग उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो पहले से किसी पार्सल का इंतजार कर रहे होते हैं. बेहद छोटी रकम जैसे 20 या 25 रुपये, मांगकर वे शक को कम कर देते हैं. जैसे ही पीड़ित कार्ड डिटेल्स और OTP साझा करता है, ठग कुछ ही सेकंड में बड़ी ट्रांजैक्शन को मंजूरी दे देते हैं.
पुलिस की चेतावनी और जरूरी सलाह
हैदराबाद पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि किसी भी ऐसे SMS या WhatsApp मैसेज से सतर्क रहें जिसमें डिलीवरी फेल होने या दोबारा डिलीवरी के नाम पर पैसे मांगे जाएं. पुलिस का साफ कहना है कि नामी कुरियर कंपनियां इस तरह के चार्ज के लिए अनजान लिंक के जरिए भुगतान नहीं मांगतीं.
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी न डालें और OTP, CVV या PIN किसी से भी साझा न करें. अगर धोखाधड़ी का शक हो तो तुरंत बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें क्योंकि समय पर की गई कार्रवाई से कई बार ट्रांजैक्शन रोकी या वापस भी कराई जा सकती है.
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