Tech Tips: आज के समय में लैपटॉप ज्यादातर लोगों की जरूरत बन चुकी है. लेकिन अक्सर देखा गया है कि लोगों के लैपटॉप की बैटरी काफी तेजी से खत्म होने लगती है. ऐसे में अगर आपका लैपटॉप भी जल्दी डिस्चॉर्ज होने लगा है तो इसके पीछे कई सारे कारण हो सकते हैं. अच्छी बात ये है कि बैटरी की कंडिशन जानने के लिए आपको किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं है. Windows में ही एक ऐसा फीचर मौजूद है जिससे आप सिर्फ एक मिनट में बैटरी की पूरी रिपोर्ट देख सकते हैं.
क्यों जरूरी है बैटरी हेल्थ चेक करना?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समय के साथ हर लैपटॉप बैटरी की ताकत कम होती जाती है. लगातार चार्जिंग, ज्यादा गर्म होना, लंबे समय तक 100% चार्ज पर रखना या हैवी यूज जैसे कारणों से बैटरी तेजी से खराब हो सकती है. अब अगर समय रहते इसकी जानकारी मिल जाए तो बैटरी बदलने या उसकी लाइफ बढ़ाने के लिए सही कदम उठाए जा सकते हैं.
ऐसे चेक करें बैटरी हेल्थ
दरअसल, अगर आपका लैपटॉप Windows 10 या Windows 11 पर चलता है तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके बैटरी की हेल्थ चेक की जा सकती है.
Start Menu में जाकर Command Prompt या Windows Terminal सर्च करें.
उस पर राइट क्लिक करके Run as Administrator चुनें.
अब ये कमांड टाइप करें:
powercfg /batteryreport
Enter दबाते ही Windows एक बैटरी रिपोर्ट तैयार कर देगा और बताएगा कि वह किस लोकेशन पर सेव हुई है.
उस फाइल को ब्राउज़र में खोलें. इसमें आपकी बैटरी की पूरी जानकारी मौजूद होगी.
Battery Report में किन चीजों पर ध्यान दें
रिपोर्ट में कई जानकारियां होती हैं लेकिन सबसे जरूरी दो आंकड़े हैं.
Design Capacity: ये बताता है कि नई बैटरी की असली ताकत कितनी थी.
Full Charge Capacity: ये दिखाता है कि फिलहाल बैटरी मैक्सिमम कितना चार्ज स्टोर कर सकती है.
अगर Full Charge Capacity, Design Capacity के काफी करीब है तो बैटरी अच्छी कंडिशन में है. लेकिन अगर ये काफी कम हो चुकी है तो इसका मतलब है कि बैटरी की हेल्थ गिर चुकी है और उसकी ताकत पहले जैसी नहीं रही.
Battery Cycle Count भी देता है अहम संकेत
बैटरी रिपोर्ट में Cycle Count भी दिखाई देता है. एक चार्ज साइकिल का मतलब है कि बैटरी ने कुल मिलाकर 100% चार्ज का इस्तेमाल किया है चाहे वह एक बार में हो या कई बार में. ज्यादातर लैपटॉप बैटरियां लगभग 300 से 1,000 चार्ज साइकिल तक बेहतरीन परफॉर्मेंस देती हैं. इसके बाद उनकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. हालांकि ये नंबर बैटरी के टाइप पर भी निर्भर करता है.
बैटरी की लाइफ बढ़ाने के आसान तरीके
अगर आप चाहते हैं कि लैपटॉप की बैटरी लंबे समय तक है कि बढ़िया चले तो कुछ बातों का ध्यान रखें.
- लैपटॉप को जरूरत से ज्यादा गर्म न होने दें.
- हमेशा ओरिजिनल या प्रमाणित चार्जर का इस्तेमाल करें.
- बैटरी को बार-बार 0% तक डिस्चार्ज होने से बचाएं.
- लंबे समय तक लगातार 100% चार्ज पर रखने की आदत से बचें.
- जब जरूरत न हो तब स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और बेकार चल रहे ऐप्स बंद करें.
- Windows के Battery Saver Mode का इस्तेमाल करें.
कब बदलनी चाहिए बैटरी?
अगर Full Charge Capacity, Design Capacity के मुकाबले बहुत कम रह गई है और लैपटॉप कुछ ही समय में डिस्चार्ज हो जाता है, अचानक बंद होने लगता है या चार्जिंग में एबनॉर्मल व्यवहार करता है तो बैटरी बदलने पर विचार करना चाहिए. खराब बैटरी न सिर्फ बैकअप कम करती है बल्कि कई बार लैपटॉप की परफॉर्मेंस पर भी असर डाल सकती है. इसीलिए अगर आप भी अपने लैपटॉप की बैटरी को चेक करना चाहते हैं तो इन आसान तरीकों से चेक कर सकते हैं. इसके साथ ही लैपटॉप की बैटरी को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर डिवाइस आपको ज्यादा लंबा बैकअप दे सकेगा.
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