iPhone Vs Android: आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि एक बड़ा निवेश भी बन चुका है. खासकर जब आप 50,000 या 1 लाख रुपये तक का फोन खरीदते हैं तो यह जानना जरूरी हो जाता है कि कुछ साल बाद उसकी कीमत कितनी बचेगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है Apple का iPhone बेहतर है या Android स्मार्टफोन?

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रीसेल वैल्यू में कौन है आगे?

अगर बात रीसेल वैल्यू की करें तो iPhone आमतौर पर Android फोन के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता है. iPhone की कीमत समय के साथ धीरे-धीरे गिरती है जबकि ज्यादातर Android फोन की वैल्यू तेजी से कम हो जाती है. उदाहरण के तौर पर, दो-तीन साल पुराने iPhone आज भी अच्छी कीमत पर बिक जाते हैं जबकि उसी समय के कई Android डिवाइस आधी से भी कम कीमत पर पहुंच जाते हैं. इसका एक बड़ा कारण Apple की ब्रांड वैल्यू और उसके प्रोडक्ट्स की डिमांड है.

फोन की उम्र और सॉफ्टवेयर अपडेट

लंबे समय तक चलने के मामले में भी iPhone को बढ़त मिलती है. Apple अपने डिवाइस को कई सालों तक सॉफ्टवेयर अपडेट देता है जिससे फोन लंबे समय तक नया जैसा महसूस होता है. वहीं Android फोन में यह स्थिति ब्रांड पर निर्भर करती है. कुछ कंपनियां 3-4 साल तक अपडेट देती हैं लेकिन कई डिवाइस जल्दी पुराने पड़ जाते हैं. यही वजह है कि iPhone लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी अपनी वैल्यू बनाए रखता है.

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बिल्ड क्वालिटी और परफॉर्मेंस का असर

महंगे स्मार्टफोन में बिल्ड क्वालिटी और परफॉर्मेंस भी रीसेल वैल्यू पर असर डालते हैं. iPhone अपनी मजबूत डिजाइन और स्थिर परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है जिससे यह लंबे समय तक अच्छा चलता है.

Android फोन में भी कई प्रीमियम विकल्प मौजूद हैं लेकिन हर मॉडल की क्वालिटी एक जैसी नहीं होती. कुछ फोन जल्दी स्लो हो जाते हैं या उनकी बैटरी परफॉर्मेंस गिरने लगती है जिससे उनकी कीमत तेजी से घटती है.

Android फोन कब हो सकता है बेहतर विकल्प?

ऐसा नहीं है कि Android हमेशा पीछे रहता है. अगर आप कम बजट में ज्यादा फीचर्स चाहते हैं तो Android फोन एक बेहतर विकल्प हो सकता है. कई ब्रांड शानदार कैमरा, बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग जैसे फीचर्स कम कीमत में देते हैं. लेकिन अगर आपका मकसद लंबे समय तक इस्तेमाल और बेहतर रीसेल वैल्यू है तो iPhone अक्सर ज्यादा फायदे का सौदा साबित होता है.

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