साल 2007 में Apple ने अपना पहला iPhone लाॅन्च किया था. तब यह काफी प्रीमियम और महंगा फोन था और आज इतने सालों बाद भी iPhone की वैल्यू वही बनी हुई है. जब भी कोई iPhone लाॅन्च होता है लोग उसे खरीदने के लिए लाइनों में लग जाते हैं. लेकिन कई लोग ऐसे भी जो एक बार iPhone ले लेते हैं तो उसे लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसमें दिक्कत यह आती है कि से-जैसे फोन पुराना होने लगता है, उसकी स्पीड घटने लगती है. 

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ऐप खोलने में टाइम लगता है. स्क्रीन का अचानक अटक जाना और सबसे आम दिक्कत बैटरी बहुत जल्दी खत्म हो जाती है. ऐसे में फिर लोगों को लगता हैं कि अब तो नया आईफोन खरीदने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. मगर इसके लिए अच्छे खासे पैसे खर्च करने पड़ते हैं. पर क्या iPhone स्लो होने नया फोन खरीदने की जरूरत होती है? या फिर आप अपने पुराने आईफोन को भी दोबारा से तेज चला सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

स्टोरेज करें खाली और बैकग्राउंड Apps बंद करें

iPhone के धीमा होने की सबसे बड़ी वजह होती है फोन की मेमोरी का फुल हो जाना. जब iPhone का स्टोरेज कैपेसिटी एकदम भरने लगती है. तो प्रोसेसर को काम करने में दिक्कत आने लगती है और फोन हैंग होने लगता है. इसके लिए सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर देखें कि कौन सी फोटो, वीडियो या बड़ी फाइलें काम की नहीं हैं. 

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उन्हें तुरंत डिलीट कर दें या क्लाउड पर शिफ्ट कर लें. इसके अलावा बैकग्राउंड में लगातार चलने वाले ऐप्स भी रैम पर भारी असर डालते हैं. बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश को बंद करके और उन ऐप्स को हटाकर आप फोन का काफी बोझ कम कर सकते हैं. जिनका इस्तेमाल आप महीनों से नहीं कर रहे हैं. जब फोन के प्रोसेसर पर लोड कम होने लगता है तो वह फिर से नार्मल स्पीड पर ऑपरेट करने लगता है और अटकता नहीं है. 

Battery हेल्थ करें चेक

Apple अपने पुराने iPhone की परफॉरमेंस को कंट्रोल कर लेता है जब उसकी बैटरी हेल्थ काफी गिर जाती है. अगर आपके आईफोन की बैटरी हेल्थ 80 प्रतिशत से कम हो चुकी है. तो फोन खुद को बचाने के लिए प्रोसेसर की स्पीड धीमी कर देता है. जिससे वो बार-बार स्लो महसूस होता है. बैटरी सेटिंग्स में जाकर अपनी बैटरी की हेल्थ चेक करें और जरूरत पड़ने पर बैटरी बदलवा लें. 

अनचाहे विजुअल इफेक्ट्स हटाएं

इसके अलावा आईफोन के खूबसूरत दिखने वाले एनिमेशन और ट्रांसपेरेंसी इफेक्ट्स भी प्रोसेसर पर जोर डालते हैं. एक्सेसिबिलिटी सेटिंग्स में जाकर रिड्यूस ट्रांसपेरेंसी जैसे फीचर्स को ऑन कर दें. जिससे फालतू के विजुअल इफेक्ट्स बंद हो जाएंगे और आपका पुराना आईफोन पहले के मुकाबले काफी तेज चलने लगेगा.

सॉफ्टवेयर अपडेट करें 

कई बार लोग नया अपडेट आने पर डर जाते हैं कि कहीं उनका फोन और ज्यादा स्लो न हो जाए. लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है. Apple हर नए सॉफ्टवेयर अपडेट में Bugs को ठीक करता है और परफॉरमेंस को बेहतर बनाता है. इसलिए हमेशा अपने iPhone को लेटेस्ट iOS वर्जन पर अपडेट रखें. अगर इन सब के बाद भी फोन सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. तो फिर समझ लीजिए कि फोन को Reset करने की जरूरत है.

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फोन को एक बार Reset कर लें

फोन Reset करने से पहले अपने सभी जरूरी डेटा का iCloud पर बैकअप ले लें और फोन को पूरी तरह से इरेज करके Factory Settings पर Reset कर दें. ऐसा करने से फोन की सारी जंक फाइल्स और इंटरनल error पूरी तरह साफ हो जाते हैं और आपका पुराना iPhone बिल्कुल नए जैसा तेज और बढ़िया परफॉर्म करने लगता है. जिससे आपका नया फोन खरीदने का खर्च बच जाता है.

नया iPhone कब लेना सही?

अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपका iPhone सही से काम नही कर रहा. या फिर उसकी स्क्रीन में या किसी दूसरे पार्ट में कोई खराबी आ गई है. तो फिर पुराने iPhone को कंटिन्यू रखने की जगह आप नया iPhone ले सकते हैं. क्योंकि पुराने फोन में आपको बार-बार पैसे लगाने पड़ सकते हैं इसलिए बेहतर है कि एक बार में पैसे लगाकर नया iPhone ले लें और बेफिक्र होकर चलाएं.

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