Instagram Changes:इंस्टाग्राम पर पिछले काफी समय से यूजर्स इस बात की शिकायत कर रहे थे कि उनके फीड पर उनकी पसंद का कंटेट नहीं आ रहा. इसे देखते हुए कंपनी ने बदलाव किए है. इसके तहत अब उन अकाउंट्स की रीच कम की जाएगी, जो दूसरे क्रिएटर के कंटेट को रिपोस्ट करते हैं. ऐसी पोस्ट को न तो फीड में रिकमंड किया जाएगा और न ही इन्हें एक्सप्लोर सेक्शन में रिकमंड किया जाएगा. इस तरीके से उनकी रीच अपने आप कम हो जाएगी. कंपनी ने बताया कि रील्स के लिए पहले से ही ऐसे नियम लागू थे और अब फोटो और कराउजल पोस्ट पर भी यह नियम लागू होगा.
किन अकाउंट्स पर पड़ेगा असर?
इंस्टाग्राम के मुताबिक, जो अकाउंट रेगुलर दूसरे क्रिएटर्स की पोस्ट रिपोस्ट करते हैं, उन्हें अब रिकमंड नहीं किया जाएगा. इसका मतलब है कि ज्यादा रिपोस्ट करने वाले अकाउंट्स की पोस्ट उनके फॉलोवर्स तक पहुंच सकती है, लेकिन उन्हें डिस्कवरी फीचर के तहत नए दर्शकों को नहीं दिखाया जाएगा. इससे इंस्टाग्राम पर डुप्लीकेट कंटेट कम होगा और कंटेट क्रिएटर्स भी रीच के लिए ऑरिजनल कंटेट अपलोड करेंगे. कंपनी का कहना है कि अगर कोई यूजर किसी मौजूदा टेंपलेट या क्लिप पर कुछ नया जोड़कर पोस्ट करेगा तो उसे ऑरिजनल माना जाएगा.
ये पोस्ट नहीं मानी जाएगी ऑरिजनल
अगर कोई क्रिएटर पुरानी या किसी दूसरे क्रिएटर की पोस्ट पर वाटरमार्क लगाकर, वीडियो की स्पीड को बदलकर, दूसरों के कंटेट के स्क्रीनशॉट को शेयर करता है तो इस कंटेट को ऑरिजनल नहीं माना जाएगा और ऐसी पोस्ट नई ऑडियंस को नहीं दिखाई जाएगी.
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
इंस्टाग्राम ने कहा कि लोग जिन अकाउंट्स को फॉलो करते हैं, उनकी पोस्ट पहले की तरह ही उनकी फीड में आती रहेगी, लेकिन जो क्रिएटर सिर्फ दूसरों का कंटेट रिपोस्ट करते हैं, उनकी रीच कम की जाएगी. कंपनी का कहना है कि वह कंटेट क्वालिटी को बेहतर बनाने और ऑरिजनल क्रिएटर को बेहतर रीच और इंगेजमेंट देने के लिए यह बदलाव कर रही है.
कम हो रहे हैं इंस्टाग्राम के यूजर्स
हाल ही में मेटा ने बताया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत उसके बाकी प्लेटफॉर्म के लगभग 2 करोड़ डेली एक्टिव यूजर्स कम हो गए हैं. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लोग अपने फीड पर आने वाले कंटेट से खुश नहीं है. लोगों की शिकायत है कि न तो इसकी क्वालिटी अच्छी होती है और न ही यह उनसे किसी भी प्रकार से रिलेटिड होता है. वो जिन क्रिएटर्स को फॉलो करते हैं, उनका कंटेट भी उन्हें नहीं दिखाया जा रहा.
ये भी पढ़ें-
अब क्या करेंगे सॉफ्टवेयर इंजीनियर? AI कर रही कोडिंग का लगभग सारा काम, खुलासे ने चौंकाया
