Instagram Users Data Leak: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इसमें दावा किया गया है कि 1.75 करोड़ से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स की निजी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग गई है और यह डेटा डार्क वेब पर बिक्री के लिए मौजूद है. इस संभावित डेटा लीक ने दुनियाभर के यूज़र्स की प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कैसे सामने आया डेटा लीक?
इस कथित सुरक्षा चूक की जानकारी सबसे पहले 9 जनवरी को साइबर सिक्योरिटी कंपनी Malwarebytes ने दी. कंपनी के मुताबिक, यह मामला साल 2024 में हुए इंस्टाग्राम API से जुड़े एक्सपोज़र से जुड़ा हो सकता है. Malwarebytes ने बताया कि उसने रूटीन डार्क वेब स्कैन के दौरान इस डेटा सेट को देखा जो अब गलत हाथों में पहुंच चुका है और साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जा सकता है.
कौन-सी जानकारी हुई लीक?
रिपोर्ट के अनुसार, लीक हुए डेटा में यूज़रनेम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फिजिकल एड्रेस जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं. Malwarebytes का कहना है कि हाल के दिनों में कई यूज़र्स को इंस्टाग्राम से बार-बार पासवर्ड रीसेट से जुड़े ईमेल मिले हैं और इसकी वजह यही डेटा लीक हो सकता है.
बढ़ सकता है साइबर हमलों का खतरा
साइबर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इस तरह की जानकारी लीक होने से फिशिंग अटैक, अकाउंट हैक और पहचान की चोरी जैसे खतरे बढ़ सकते हैं. हैकर्स एक ही लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर करने की कोशिश कर सकते हैं जिसे क्रेडेंशियल स्टफिंग कहा जाता है. इससे न सिर्फ इंस्टाग्राम, बल्कि अन्य ऑनलाइन अकाउंट्स भी जोखिम में आ सकते हैं.
मेटा की चुप्पी, यूज़र्स में चिंता
इस पूरे मामले पर अभी तक इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि मीडिया संस्थानों ने कंपनी से संपर्क किया है और प्रतिक्रिया मिलने पर रिपोर्ट अपडेट किए जाने की बात कही गई है.
भारत पर क्यों ज्यादा असर?
आंकड़ों के मुताबिक, भारत इंस्टाग्राम का सबसे बड़ा मार्केट है, जहां अक्टूबर 2025 तक करीब 48 करोड़ से ज्यादा यूज़र्स थे. इसके अलावा देश में फेसबुक और व्हाट्सऐप के भी 50 करोड़ से अधिक यूज़र्स हैं. ऐसे में अगर डेटा लीक की पुष्टि होती है तो इसका असर भारतीय यूज़र्स पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है.
डेटा प्रोटेक्शन कानून क्या कहता है?
भारत में लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के तहत मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारियों को “पर्सनल डेटा” माना गया है. कानून के अनुसार, बिना अनुमति किसी भी तरह से निजी डेटा का इस्तेमाल, साझा करना या लीक होना डेटा ब्रीच की श्रेणी में आता है. हालांकि, इसके कई अहम प्रावधान अभी पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं.
नए नियम, लेकिन पूरी सुरक्षा में वक्त
नवंबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने DPDP नियमों को अधिसूचित किया था जिससे भारत में डेटा सुरक्षा कानून का रास्ता साफ हुआ. फिलहाल कुछ ही प्रावधान लागू हैं जबकि यूज़र्स को डेटा ब्रीच की सूचना देने और सहमति से डेटा इस्तेमाल जैसे नियमों को पूरी तरह लागू होने में अभी वक्त लगेगा.
यूजर्स खुद कैसे रहें सुरक्षित?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यूज़र्स को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की सेटिंग्स तुरंत चेक करनी चाहिए. Meta के अकाउंट्स सेंटर में जाकर यह देखा जा सकता है कि अकाउंट किन-किन डिवाइसेज़ पर लॉग इन है. इसके अलावा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन करना बेहद जरूरी है. Malwarebytes ने भी सलाह दी है कि अगर अब तक 2FA चालू नहीं किया है तो इसे तुरंत एक्टिव करें, ताकि अकाउंट को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके.
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