आजकल कई लेटेस्ट फोन के वाटर-रजिस्टेंट होने का दावा किया जाता है. इसके लिए कंपनियां IP रेटिंग यूज करती है, जिसके जरिए यह दिखाया जाता है कि कोई फोन कितनी वाटर प्रोटेक्शन के साथ आ रहा है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वाटर प्रूफ और वाटर रजिस्टेंट में क्या फर्क होता है और जो IP68, IP69 और IPX8 रेटिंग यूज की जाती है, उसका क्या मतलब होता है. 

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वाटरप्रूफ और वाटर रजिस्टेंट में क्या अंतर होता है?

वाटर रजिस्टेंट फोन पानी की बूंदों और बारिश आदि को झेल सकता है, लेकिन इसे ज्यादा समय तक पानी में रखने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता है. दूसरी तरफ वाटरप्रूफ फोन को कड़े इमर्शन टेस्ट से गुजारा जाता है और यह एक निश्चित गहराई में लंबे समय तक रह सकता है. हालांकि, फिर भी स्विमिंग पूल आदि में ज्यादा समय तक पहने पर इसके खराब होने का खतरा बना रहता है.

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रेटिंग का क्या मतलब?

क्या आपका फोन वाटरप्रूफ है? इसका जवाब उसकी IP रेटिंग से मिल जाएगा. IP का पूरा नाम इनग्रेस प्रोटेक्शन होता है और इसके आगे लिखे नंबर यह बताते हैं कि यह डस्ट और पानी के प्रति कितना रजिस्टेंट है. इस रेटिंग में दो नंबर होते हैं. पहला नंबर डस्ट के प्रति प्रोटेक्शन को दिखाता है और इसकी रेंज 0-6 होती है. दूसरा नंबर पानी और दूसरे लिक्विड के प्रति प्रोटेक्शन दिखाता है और इसकी रेंज 0-9 तक होती है. 

IP68- इस रेटिंग में 6 का मतलब है कि डिवाइस फुल डस्ट प्रूफ है. वहीं 8 नंबर दिखाता है कि यह 30 मिनट तक 1.5 मीटर गहरे पानी में रह सकता है. हालांकि, कुछ फोन इससे भी ज्यादा समय और गहराई तक पानी में सुरक्षित रह सकते हैं. इस रेटिंग वाले फोन को पूल, बारिश और हल्के बहाव वाले पानी के नीचे फोटो लेने के लिए यूज किया जा सकता है.

IP69- इस रेटिंग का मतलब है कि यह फोन हाई प्रैशर और हाई टेंपरेचर वाले पानी को आसानी से झेल सकता है. मुश्किल कंडीशन में काम कर सकने वाले फोन में यह रेटिंग मिलती है, जहां फोन कई बार तेज बहाव के संपर्क में आ जाता है. 

IPX8- इसमें पहले डिजिट की जगह X का इस्तेमाल किया गया है, जो दिखाता है कि इसे डस्ट प्रोटेक्शन के लिए टेस्ट नहीं किया गया है. वहीं 8 नंबर का मतलब है कि यह फोन लगभग 1.5 मीटर तक की गहराई में कुछ देर तक रह सकता है. ये फोन आमतौर पर स्विमिंग और बारिश के दौरान इस्तेमाल के लिए सेफ होते हैं.

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