Google Maps: गूगल मैप्स देश में काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला नेविगेशन ऐप बन चुका है. ये आपको किसी जगह की लोकेशन, खुलने-बंद होने का समय, रिव्यू और यहां तक कि ये भी बता सकता है कि किसी दुकान, रेस्टोरेंट या दूसरे बिजनेस में इस समय कितनी भीड़ है. लेकिन लोगों के मन में सवाल उठता है कि बिना किसी से पूछे गूगल मैप्स को कैसे पता चलता है कि किसी दुकान पर भीड़ है या नहीं. आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी टेक्नोलॉजी.
Google Maps को भीड़ के बारे में कैसे पता चलता है
जानकारी के मुताबिक, गूगल मैप्स का सबसे बड़ा जरिया है Location Data. जब लोग अपने फोन में लोकेशन हिस्ट्री या लोकेशन से जुड़ी Google सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं और किसी जगह पर पहुंचते हैं तो Google के सिस्टम को उस इलाके में लोगों की मौजूदगी और एक्टिविटी के बारे में जानकारी मिल जाती हैं.
आसान तरीके से समझाएं तो किसी रेस्ट्रां के आसपास नॉर्मल दिनों में 20 से 30 लोग रहते हैं लेकिन किसी दिन उसी जगह पर अचानक से एक्टिविटी ज्यादा होने लगे या कई सारे डिवाइस एक्टिव रहें तो गूगल उस समय उस जगह को ज्यादा व्यस्त मान लेता है. इसका मतलब साफ है कि Google किसी व्यक्ति से सीधे ये नहीं पूछता कि वह रेस्टोरेंट में बैठा है या नहीं. इसके बजाय ये कई डिवाइसों से मिलने वाले लोकेशन सिग्नल और समय के पैटर्न को मिलाकर भीड़ का अंदाजा लगाता है.
क्या है Popular Times फीचर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Google Maps पर कई जगहों के लिए Popular Times सेक्शन दिखाई देता है. इसमें ये बताया जाता है कि सप्ताह के अलग-अलग दिनों में किस समय किसी जगह पर आमतौर पर ज्यादा भीड़ रहती है. ये जानकारी किसी एक दिन के डेटा पर निर्भर नहीं होती है. Google अलग-अलग समय में मिले डेटा और पुराने पैटर्न को समझकर किसी जगह के नॉर्मल बिजी समय का अंदाजा लगाता है.
अभी कितनी भीड़ है, कैसे पता चलता है
Popular Times के अलावा कुछ जगहों पर Google Maps Live Busyness जैसी जानकारी भी शो करता है. इसका मतलब है कि उस समय जगह कितनी व्यस्त है. अगर किसी दुकान के लिए नॉर्मल समय की तुलना में अचानक ज्यादा एक्टिविटी दिखाई देती है तो Maps उसे ज्यादा व्यस्त दिखा सकता है. इसी तरह कम एक्टिविटी होने पर उस जगह को नॉर्मल या कम व्यस्त वाली जगह बताया जाता है.
इसका फायदा ये है कि आप घर से निकलने से पहले अंदाजा लगा सकते हैं कि किसी रेस्टोरेंट या स्टोर में जाना अभी सही रहेगा या कुछ देर इंतजार करना बेहतर होगा.
Google सिर्फ लोगों की गिनती नहीं करता
आपको बता दें कि ये समझना जरूरी है कि Google Maps का सिस्टम सिर्फ ये नहीं देखता कि किसी जगह के आसपास कितने फोन हैं. अलग-अलग तरह के लोकेशन संकेत, समय, पुराने पैटर्न और जगह की जानकारी को मिलाकर अंदाजा लगाया जाता है. जैसे किसी मॉल के बाहर ट्रैफिक ज्यादा होने का मतलब ये जरूरी नहीं कि मॉल के अंदर भीड़ ज्यादा है. इसलिए Google को उपलब्ध डेटा से ये अंदाजा लगाना होता है कि असल में किस जगह पर लोग ज्यादा मौजूद हैं और वहां कितनी एक्टिविटी हो रही है.
इसी वजह से Maps पर दिखाई जाने वाली भीड़ को एक अनुमान के तौर पर देखना चाहिए न कि वहां मौजूद लोगों की संख्या के रूप में.
क्या आपकी प्राइवेसी पर होता है खतरा
गूगल मैप्स कई सारे ऐसे फीचर्स यूजर्स को उपलब्ध कराता है. लेकिन इसी के साथ लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या इससे उनकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है. दरअसल, ऐसा नहीं है, क्योंकि Google की लोकेशन सर्विसेज में प्राइवेसी से जुड़े कंट्रोल मौजूद हैं और यूजर्स अपनी Location History जैसी सेटिंग्स को मैनेज कर सकते हैं.
हालांकि, गूगल को आपके डेटा की जरूरत होती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि Maps आपको किसी रेस्टोरेंट में बैठे हर व्यक्ति का नाम या पहचान दिखाता है. स्क्रीन पर आपको सिर्फ जगह के व्यस्त होने से जुड़ी जानकारी ही दी जाती है.
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