आजकल छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के हाथों में स्मार्टवॉच दिख जाती है. यह फिटनेस ट्रैकिंग से लेकर कैमरा कंट्रोल तक कई काम कर सकती है, लेकिन कई चीजों के लिए यह स्मार्टफोन पर डिपेंड होती है. आज हम आपको कुछ ऐसे कारण बताने जा रहे हैं, जो स्मार्टवॉच खरीदने को फायदे का सौदा नहीं बनाते. आइए जानते हैं कि क्यों आप स्मार्टवॉच खरीदने का प्लान कैंसिल कर सकते हैं. 

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फोन की जरूरत नहीं हुई कम

स्मार्टवॉचेज को इसलिए लाया गया था कि आपको हर बार नोटिफिकेशन आने पर स्मार्टफोन को जेब से न निकालना पड़े और आप स्मार्टवॉच पर ही मैसेज और नोटिफिकेशन आदि सब देख पाएं. लेकिन अब एआई आने के बाद ये सारे काम फोन ही करने लगे हैं. अब फोन सारी नोटिफिकेशन का हिसाब रख सकते हैं और कमांड देने पर बोलकर मैसेज पढ़ भी सकते हैं. इसके अलावा मैसेजेज का रिप्लाई आदि देने के लिए फोन स्मार्टवॉच से अधिक सुविधाजनक है.

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फीचर भी 100 प्रतिशत परफेक्ट नहीं

स्मार्टवॉच में आपको हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन लेवल, स्लीप पैटर्न और ब्लड प्रैशर मॉनिटरिंग आदि फीचर्स मिल जाएंगे. देखने-सुनने में ये फीचर्स भले ही इंप्रैसिव लगते हैं, लेकिन ये 100 प्रतिशत परफेक्ट नहीं होते. अलग-अलग रिव्यूज में सामने आया है कि हर मॉडल अलग-अलग रीडिंग देता है. कंपनियों को भी इसकी जानकारी है इसलिए वो इसे मेडिकल डिवाइस न बताकर जनरल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के तौर पर मार्केट करती है.

बैटरी चार्जिंग का झंझट

आजकल स्मार्टफोन, लैपटॉप, ईयरबड्स समेत सारे डिवाइसेस को चार्जिंग की जरूरत होती है. ऐसे में स्मार्टवॉच इसमें और एड होकर आपका चार्जिंग का झंझट बढ़ाएगी. ऐसे में अगर आप घर से कहीं बाहर जा रहे हैं तो यह देखना पड़ेगा कि स्मार्टवॉच में कितनी बैटरी बची है. अगर बैटरी लो है तो इसे चार्ज करने की टेंशन अलग रहती है.

इतनी कीमत में स्मार्टफोन आ जाए

स्मार्टवॉच की कीमत भी एक बड़ा नेगेटिव प्वाइंट है. अगर हम सैमसंग, गूगल और ऐप्पल जैसी कंपनियों की स्मार्टवॉचेज के प्राइसेस देखें तो इतनी कीमत में एक मिड-रेंज स्मार्टफोन आ सकता है. 

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