AI Impact on Job:एआई के कारण नौकरियों पर बढ़ते खतरे से हर कोई चिंतित है. अमेरिका के नॉर्दन कैलिफॉर्नियां में करीब 2400 से ज्यादा मेंटल हेल्थ प्रोवाइडर्स ने एआई के खिलाफ 24 घंटे तक हड़ताल की है. इनकी सबसे बड़ी चिंता है कि एआई उनकी नौकरियां खा जाएगी. ये सभी कर्मचारी Kaiser Permanente से जुड़े हैं. कंपनी ने भरोसा दिया है कि थैरेपिस्ट को एआई से रिप्लेस नहीं किया जाएगा और न ही एआई से कोई मेडिकल डिसीजन लिया जाएगा, लेकिन हेल्थ वर्कर्स का कहना है कि उन्हें बदलाव साफ नजर आ रहा है.

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हेल्थ प्रोवाइडर्स की क्या चिंता है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, लाइसेंस वाले क्लीनिकल सोशल वर्कर को काम से हटाया जा रहा है. उनकी जगह नए और बिना ट्रेनिंग वाले लोगों को रखा जा रहा है. थैरेपिस्ट का कहना है कि यह साफ दिखाता है कि कंपनी एआई की तरफ बढ़ रही है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी तक मेंटल हेल्थ केयर को हैंडल करने के लिए कोई एआई टूल नहीं बना है. फिलहाल एआई को पेपरवर्क हैंडल करने तक सीमित किया जा रहा है.

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क्या एआई टूल्स को लेकर चिंता होनी चाहिए?

मेंटल हेल्थ से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस इंडस्ट्री में भी एआई टूल्स आ रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पूरी तरह टेस्ट नहीं किया गया है. कई कंपनियों ने एआई चैटबॉट्स बनाए हैं, जो मरीज की शुरुआती जांच कर रहे हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले माइक्रोसॉफ्ट ने Copilot Health को लॉन्च किया था. OpenAI और Perplexity भी ऐसे टूल्स ला चुकी हैं. इससे साफ पता चलता है कि हेल्थ केयर में एआई बड़े बदलाव के लिए तैयार है.

नौकरियों पर एआई का खतरा

एआई के आने के बाद से ही कई नौकरियों पर खतरा मंडराने लगा है. इनमें अधिकतर ऐसी नौकरियां हैं, जिनमें कम स्किल या एक ही काम को बार-बार करने की जरूरत होती है. पिछले साल के आखिर में एक रिपोर्ट में आई थी, जिसमें बताया गया था कि 2035 तक कम स्किल वाली करीब 30 लाख नौकरियां एआई के कारण खत्म हो जाएंगी.

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