स्मार्टफोन हमारी लाइफ का एक पार्ट बन चुके हैं. हमारे दिन का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन के साथ गुजरता है. कुछ लोग तो फोन को इतना यूज करते हैं कि उसकी बैटरी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है और वे पब्लिक प्लेस पर ही उसे चार्ज करने लगा देते हैं. ये उन लोगों के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है ये उन्हें पता भी नहीं होता है. उन्हें शायद नहीं पता कि इन चार्जिंग प्वाइंट्स पर हैकर्स नजरें गढ़ाए बैठे रहते हैं और फोन का डेटा लीक कर लेते हैं और आपको इसके बारे में पता तक नहीं चलता. हम आपको आज बता रहे हैं कि इनसे कैसे बचा जाए.

हैकर्स ऐसे बनाते हैं शिकार पब्लिक प्लेस जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, मॉल आदि पर इस तरह के चार्जिंग प्वाइंट्स अक्सर आपको लगे मिलेंगे. हैकर ऐसे चार्जिंग प्वाइंट्स पर अपना शिकार तलाश करते हैं जहां पर ज्यादा लोग अपना फोन चार्ज करते हैं. इन चार्जिंग प्वाइंट्स पर लगी यूएसबी से अगर आप अपना फोन चार्ज करते हैं तो उसमें मौजदू बैंक एप्स का लॉग इन, फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर, जीमेल समेत यूपीआई एप का पासवर्ड और डाटा हैकर्स के पास चला जाता है. ये यूएसबी आपके फोन का सारा डाटा कॉपी कर लेती है उसके बाद हैकर आपके बैंक अकाउंट को साफ कर देते हैं.

मेलवेयर कर देते हैं इंस्टॉल यही नहीं हैकर्स इस यूएसबी की मदद से आपके फोन में वायरस इंस्टॉल कर देते हैं जो फोन तो चार्ज करेगा ही, डाटा भी कॉपी हो जाएगा. हैकर्स इसे अपने मुताबिक बनाते हैं कि उन्हें कितने समय का डाटा चोरी करना है. इसमें कुकीज के जरिए डाटा कॉपी किया जाता है.

ऐसे करें बचाव इस तरह के हैकर्स का निशाना बनने से बचने के लिए हमेशा पावर बैंक अपने पास रखें या फिर खुद की डेटा केबल का ही इस्तेमाल करें. इमरजेंसी में कभी अगर पब्लिक प्लेस पर फोन जार्च करना पड़े तो मोबाइल को बंद करके अपनी ही केबल से चार्ज करें. फोन को बंद करके चार्ज करने से डेटा ट्रांसफर नहीं हो सकता है.

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