टेक्नोलॉजी की दुनिया में आज ज्यादातर चीजें एडवांस हो चुकी हैं. मार्केट में कई सारे स्मार्ट गैजेट्स भी आ चुके हैं जिनकी मदद से लोगों के काम करने का तरीका भी बदल गया है. इसके साथ ही स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे डिवाइस लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन बता दें कि डिजिटल दुनिया में साइबर फ्रॉड जैसी समस्या भी काफी देखने को मिल रही है. अब साइबर हमलावर भी एडवांस तरीकों से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं. इसी कड़ी में बता दें कि गूगल ने व्हाट्सऐप और माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है जिसमें इन यूजर्स पर साइबर हमले का खतरा बताया गया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
क्या है फर्जी Login Request का खेल?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साइबर हमलावर अब नए तरीकों से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं. इसी में अब एक फर्जी लॉगइन रिक्वेस्ट तरीका भी शामिल हो चुका है. दरअसल, इस तरह के साइबर हमले में हैकर पहले यूजर को किसी अकाउंट में लॉगिन करने की कोशिश से जुड़ा रिक्वेस्ट भेजते हैं. ये Request देखने में बिल्कुल नॉर्मल लगता है. कई बार यूजर को लगता है कि ये उसी का Login Alert है और वह जल्दबाजी में इसे Approve कर देता है.
यहीं से परेशानी शुरू हो जाती है. अगर यूजर ने बिना चेक किए किसी अनजान Login Request को मंजूरी दे दी तो हैकर आसानी से आपके अकाउंट तक पहुंच जाता है.
Microsoft Account भी निशाने पर
Microsoft Account साइबर अपराधियों के लिए एक आसान टार्गेट रहता है. क्योंकि इससे ईमेल, क्लाउड फाइल्स और दूसरी सर्विसेज तक पहुंच आसानी से मिल जाती है. फर्जी Login Request के जरिए हमलावर यूजर को कंफ्यूज करके Authentication प्रोसेस पूरी कराने की कोशिश करते हैं.
इसलिए किसी भी अनजान Login Alert को देखकर तुरंत Approve करने के बजाय पहले ये चेक करना जरूरी होता है कि Login असल में आपने ही शुरू किया है या नहीं.
WhatsApp पर कैसे हो सकता है हमला?
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp भी साइबर हमलावरों के निशान पर रहता है. व्हाट्सऐस अकाउंट को अपने कब्जे में लेने के लिए साइबर अपराधी अलग-अलग Social Engineering तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. वे यूजर को विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि कोई Login या Verification प्रोसेस चल रही है.
अगर यूजर धोखे में आकर Verification Code, Login Request या किसी दूसरे Authentication Prompt को एक्सेप्ट कर लेता है तो उसका अकाउंट खतरे में पड़ सकता है. इस हमले की सबसे बड़ी खास बात ये है कि अगर आपके अकाउंट में मजबूत पासवर्ड लगा हुआ है फिर भी हलावर आपका अकाउंट हैक कर सकते हैं.
Google ने यूजर्स को क्यों चेताया?
Google लगातार ऐसे साइबर खतरों के खिलाफ जागरूकता बढ़ा रहा है क्योंकि आज के समय में हैकिंग का एक बड़ा हिस्सा सीधे टेक्निकल कमजोरी के बजाय इंसानी गलती का फायदा उठाकर किया जाता है. हैकर्स अक्सर डर, जल्दबाजी या भरोसे का इस्तेमाल करते हैं.
ऐसे सुरक्षित रखें अपना अकाउंट
किसी भी अनजान Login Request को बिना जांचे Approve न करें. अगर आपने खुद Login नहीं किया है तो Request को तुरंत Reject करें. OTP, Verification Code या Authentication Approval किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें. इसके अलावा अपने जरूरी अकाउंट्स में Two-Factor Authentication (2FA) या Passkey जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना बेहतर ऑप्शन रहता है.
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