Android Tap To Share Feature: Android स्मार्टफोन यूजर्स के लिए जल्द ही फाइल शेयर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है. रिपोर्ट्स के अनुसार, Google एक नए फीचर Tap to Share पर काम कर रहा है जो दो फोन को पास लाकर तुरंत डेटा शेयर करने की सुविधा देगा. यह फीचर काफी हद तक iPhone के NameDrop जैसे सिस्टम से मिलता-जुलता बताया जा रहा है.

Continues below advertisement

कैसे करेगा काम Tap to Share?

इस फीचर को इस्तेमाल करना बेहद आसान होगा. दोनों Android फोन अनलॉक होने चाहिए और उन्हें एक-दूसरे के पास लाना होगा जैसे कि स्क्रीन से स्क्रीन या ऊपर के किनारे मिलाकर. जैसे ही दोनों डिवाइस कनेक्ट होंगे स्क्रीन पर एक हल्का एनिमेशन दिखाई देगा जो बताएगा कि डेटा ट्रांसफर शुरू हो गया है.

अगर पहली बार में कनेक्शन नहीं बनता तो यूजर्स फोन को अलग तरीके से जैसे बैक-टू-बैक रखकर दोबारा कोशिश कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग कंपनियों के फोन में NFC सेंसर की जगह अलग होती है.

Continues below advertisement

किन-किन चीजों को कर पाएंगे शेयर?

Tap to Share के जरिए सिर्फ फोटो या वीडियो ही नहीं बल्कि कॉन्टैक्ट, लिंक, लोकेशन और दूसरी कई तरह की जानकारी भी शेयर की जा सकेगी. यानी यह एक ऑल-इन-वन फाइल शेयरिंग टूल बनने वाला है. यह फीचर शुरुआत में NFC के जरिए दोनों डिवाइस को कनेक्ट करेगा. लेकिन जब बात बड़ी फाइल्स की आएगी तो यह अपने आप Wi-Fi या Bluetooth जैसे तेज विकल्पों पर स्विच कर जाएगा जिससे डेटा जल्दी ट्रांसफर हो सके.

मौजूदा सिस्टम के साथ करेगा काम

Tap to Share कोई बिल्कुल नया सिस्टम नहीं होगा बल्कि यह Android के मौजूदा शेयर सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा. खासतौर पर यह Quick Share के साथ इंटीग्रेट हो सकता है जिससे यूजर्स को एक स्मूथ और यूनिफाइड एक्सपीरियंस मिलेगा.

प्राइवेसी और कंट्रोल का भी ध्यान

इस फीचर में कॉन्टैक्ट शेयरिंग के दौरान यूजर्स को यह चुनने का विकल्प मिलेगा कि वे कौन-कौन सी जानकारी साझा करना चाहते हैं जैसे फोन नंबर, ईमेल या प्रोफाइल फोटो. इससे यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल और सुरक्षा मिलेगी.

कब तक आ सकता है यह फीचर?

अभी तक Google ने इस फीचर की आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि इसे इस साल Android 17 के साथ पेश किया जा सकता है. कुछ शुरुआती वर्जन Samsung के टेस्ट डिवाइस में देखे जाने की भी खबर है जिससे संकेत मिलता है कि इसका रोलआउट ज्यादा दूर नहीं है.

यह भी पढ़ें:

Mark Zuckerberg का ही एआई वर्जन बना रही है मेटा, बिल्कुल सीईओ की तरह करेगा काम