Free ChatGPT Plus Subscription: भारत में एआई कंपनियां फ्री में अपने सब्सक्रिप्शन प्लान दे रही है. OpenAI और गूगल के फ्री प्लान अभी भी जारी हैं, जबकि परप्लेक्सिटी ने भी एक समय एयरटेल के साथ मिलकर अपने प्रो प्लान को फ्री में यूज करने का मौका दिया था. अब दूसरे देशों में भी ऐसी पहले शुरू हो गई है. ताजा मामला माल्टा का है, जहां OpenAI ने सरकार के साथ मिलकर एक नया अभियान शुरू किया है. इसके तहत फ्री एआई लिटरेसी कोर्स पूरा करने वाले माल्टा के हर नागरिक को एक साल तक ChatGPT Plus का फ्री सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा. विदेशों में रहने वाले माल्टा के नागरिकों के लिए भी यह ऑफर लागू होगा. 

Continues below advertisement

पूरे देश में लागू होने वाली ऐसी पहली पार्टनरशिप

OpenAI ने इस अभियान को 'एआई फॉर ऑल' नाम दिया है और इसे माल्टा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर चलाया जाएगा. राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाला यह कंपनी का पहला अभियान होगा. इसके तहत माल्टा के डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम में रजिस्टर्ड सभी नागरिकों को ChatGPT Plus की फ्री एक्सेस मिलेगी. हालांकि, इसके लिए उन्हें एक सरकारी कोर्स पूरा करना होगा. इसमें लोगों को एआई के प्रैक्टिकल और रिस्पॉन्सिबल यूज के बारे में सिखाया जाएगा. यह अभियान इसी महीने से शुरू हो रहा है. अगर भारत के हिसाब से देखें तो ChatGPT Plus की सब्सक्रिप्शन फीस 2,000 रुपये प्रति महीना है.

Continues below advertisement

UAE के लिए भी चल रही है तैयारी

इस समय दुनियाभर की सरकारों की नजरें एआई पर टिकी हुई है. यह टेक्नोलॉजी एजुकेशन से लेकर हेल्थकेयर समेत हर फील्ड पर जबरदस्त असर डाल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, माल्टा के अलावा OpenAI संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी ऐसा अभियान शुरू कर सकती है. यहां कंपनी ने स्टारगेट UAE इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप की है, जिसके तहत नागरिकों को फ्री सब्सक्रिप्शन प्लान देने पर विचार चल रहा है. 

भारत में फ्री मिल रहे हैं प्लान

पिछले साल गूगल, परप्लेक्सिटी और OpenAI ने भारत में लोगों को फ्री में अपने सब्सक्रिप्शन प्लान देने शुरू किए थे. ये सरकार के स्तर पर न होकर प्राइवेट कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में दिए जा रहे थे. गूगल ने इसके लिए जियो से हाथ मिलाया है, जबकि परप्लेक्सिटी एयरटेल यूजर्स को फ्री सब्सक्रिप्शन दे रही थी. हालांकि, अब यह प्लान बंद हो गया है. वहीं OpenAI ने 400 रुपये मंथली फीस वाले प्लान को सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया था. इसके लिए OpenAI ने किसी के साथ पार्टनरशिप नहीं की थी.

ये भी पढ़ें- AI के मामले में Google से कितना पीछे है Apple? जानकर हैरान रह जाएंगे आप