आज के वक्त में WhatsApp हम सबकी जिंदगी की सबसे अहम जरूरत बन चुका है. मैसेज भेजने से लेकर काॅलिंग, ऑफिस के काम और अब तो ऑनलाइन पेमेंट तक भी इस ऐप के जरिए हो जाता है. WhatsApp के इतने बड़े यूजर बेस का फायदा उठाने के लिए अब स्कैमर्स ने एक फर्जी ऐप भी बना दी है. 

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Play Store पर हूबहू असली जैसा दिखने वाला एक फर्जी WhatsApp काफी समय चल रहा है और देखते ही देखते इसे 5 लाख से भी ज्यादा लोगों ने अपने Phone में इंस्टॉल भी कर लिया है. अगर आपने भी हाल फिलहाल में नया Phone लेकर या Reset करके WhatsApp डाउनलोड किया है. तो चेक कर लें कहीं आपने भी तो फर्जी WhatsApp इंस्टाॅल नहीं कर लिया. 

Google Play Store पर फर्जी WhatsApp

Google Play Store की सिक्योरिटी पर सवाल तब खड़े हुए जब हाल ही में फर्जी Google Chrome के बाद यह नकली WhatsApp ऐप सामने आया. इस फर्जी ऐप का खुलासा तब हुआ जब Reddit पर 2ne1cheese नाम के एक यूजर ने इसे Google Play Store पर देखा और इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया. रिपोर्ट के मुताबिक यह ऐप सितंबर महीने से ही प्ले स्टोर पर एक्टिव था. 

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सबसे चालाकी भरी बात यह थी कि इस फर्जी ऐप के डेवलपर ने इसे ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने के लिए पेड कैंपेन चला रखा था. जब भी कोई यूजर प्ले स्टोर खोलता या सर्च करता तो यह ऐप Sponsored यानी प्रमोटेड सजेशन के रूप में स्क्रीन पर सबसे ऊपर दिखाई देने लगता था. 42MB साइज वाले इस ऐप को देखकर कई यूजर आसानी से झांसे में आ गया और इसे ऑफिशियल ऐप समझकर बिना सोचे-समझे डाउनलोड करता चला गया.

 

इन गलतियों से खुली पोल

इस नकली WhatsApp को बनाने वालों ने इसे बिल्कुल असली बनाने की पूरी कोशिश की जिससे पहली नजर में कोई इसे पकड़ न सके. ऐप का लोगो, नाम और ग्राफिक्स लगभग हूबहू Meta के ऑफिशियल WhatsApp जैसे रखे गए थे. लेकिन ध्यान से देखने पर कई गलतियां इसमें देखी जा सकती हैं. जहां असली WhatsApp का डेवलपर नाम WhatsApp LLC लिखा होता है. 

वहीं इस क्लोन ऐप को Agment Assets sallu नाम के किसी अनजान डेवलपर ने पब्लिश किया था. इसके अलावा App के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में असली WhatsApp के टेक्स्ट को कॉपी-पेस्ट किया गया था. लेकिन उसमें स्पेसिंग की गलतियां थीं और कई जरूरी Settings गायब थे. डिस्क्रिप्शन में मौजूद Terms of Service और Learn More के लिंक तक काम नहीं कर रहे थे. इतना ही नहीं ऐप के स्क्रीनशॉट्स में एक ही फोटो  दो बार दोहराई गई थी.

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ऐसे रखें अपना फोन सुरक्षित

Scammers ने यूजर्स को गुमराह करने के लिए Google Play Store के Early Access यानी टेस्टिंग फीचर का बहुत चालाकी से गलत इस्तेमाल किया. ऐप को सिस्टम में Under Development दिखाया गया था. जिससे आम यूजर्स इस ऐप पर न तो रिव्यू लिख सकते थे और न ही इसकी खराब रेटिंग देख सकते थे. रेटिंग और पब्लिक कमेंट्स ब्लॉक होने की वजह से लोग इसके धोखे को समझ नहीं पाए. 

अगर आप इस तरह के फ्रॉड से बचना चाहते हैं तो तुरंत अपने फोन की Settings में जाकर Apps की लिस्ट चेक करें. और याद रखें कि WhatsApp का ऑफिशियल वर्जन सिर्फ WhatsApp LLC डेवलपर के नाम से ही आता है. अगर आपके फोन में किसी और नाम का डेवलपर दिख रहा है तो उस App को फौरन Delete कर दें और किसी अनजान लिंक से कभी App डाउनलोड न करें.

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