Social Media Ban in Australia: ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लागू किए जाने के बाद भी कई युवा इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. नई रिपोर्ट के अनुसार, बैन लागू होने के करीब दो महीने बाद भी लगभग पांच में से एक युवा अब भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बना रहा है. इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि प्लेटफॉर्म्स द्वारा अपनाए गए age-verification सिस्टम कितने प्रभावी हैं.

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बैन के बाद भी जारी रहा ऐप्स का इस्तेमाल

रिपोर्ट के मुताबिक 13 से 15 साल के बच्चों के बीच फेमश ऐप्स जैसे TikTok और Snapchat का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुआ. आंकड़ों से पता चला कि दिसंबर में बैन लागू होने के बाद फरवरी तक इन ऐप्स का इस्तेमाल घटा, फिर भी करीब 20 प्रतिशत से ज्यादा किशोर इन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहे. यह आंकड़े पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर कंपनी Qustodio की रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया के परिवारों से जुटाए गए डेटा का विश्लेषण किया गया.

सरकार के फैसले का असर समझने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया का यह कदम दुनिया में अपनी तरह का एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है क्योंकि कई देश अब इसी तरह के नियम लागू करने पर विचार कर रहे हैं. सरकार और कुछ विश्वविद्यालय भी इस प्रतिबंध के प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं. हालांकि अभी तक आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

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सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्त नियम

नए कानून के तहत कई बड़े प्लेटफॉर्म्स को 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखना होगा. इसमें Instagram, Facebook, Threads, YouTube, TikTok और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं. अगर कंपनियां इस नियम का पालन नहीं करतीं तो उन्हें 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. हालांकि देश की इंटरनेट निगरानी संस्था eSafety Commissioner ने कहा है कि प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों के अनुसार सिस्टम तैयार करने के लिए कुछ समय दिया जाएगा.

आंकड़ों में दिखा गिरावट का असर

रिपोर्ट के अनुसार नवंबर से फरवरी के बीच 13-15 साल के बच्चों में Snapchat का इस्तेमाल करीब 13.8 प्रतिशत घटकर लगभग 20.3 प्रतिशत रह गया. वहीं TikTok का इस्तेमाल भी करीब 5.7 प्रतिशत कम होकर लगभग 21.2 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसी उम्र वर्ग में YouTube का इस्तेमाल भी थोड़ा कम हुआ और यह लगभग 36.9 प्रतिशत तक दर्ज किया गया. हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये यूजर्स अपने अकाउंट में लॉग-इन थे या नहीं.

क्या बच्चे दूसरे प्लेटफॉर्म पर जा रहे हैं?

विशेषज्ञों को यह आशंका थी कि बैन के बाद किशोर किसी ऐसे प्लेटफॉर्म की ओर जा सकते हैं जहां नियम कम सख्त हों. लेकिन फिलहाल ऐसे बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं. हालांकि रिपोर्ट में यह जरूर सामने आया कि मैसेजिंग ऐप WhatsApp का इस्तेमाल इस आयु वर्ग में थोड़ा बढ़ा है.

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