आज पढ़ाई, रिसर्च, कोडिंग, कंटेंट लिखने और रोजमर्रा के कई कामों में लोगों की मदद कर रहा है. लेकिन AI चैटबॉट से हर तरह की जानकारी शेयर करना सुरक्षित नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ऐसे काम हैं जिनमें ChatGPT पर पूरी तरह निर्भर रहने से कानूनी, स्वास्थ्य और प्राइवेसी से जुड़ी परेशानी हो सकती है.

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ChatGPT से अपनी परेशानियों पर बात करना आसान लगता है लेकिन इसे प्रोफेशनल थेरेपिस्ट या काउंसलर का ऑप्शन नहीं माना जाना चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ शोधों में पाया गया है कि चैटबॉट यूजर की मौजूदा सोच को चुनौती देने के बजाय कभी-कभी उसे और मजबूत कर सकते हैं.

खासकर आत्महत्या, गंभीर मानसिक संकट या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में AI के बजाय अच्छे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय आपातकालीन सर्विस से संपर्क करना चाहिए.

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कानूनी सलाह लेने के लिए न करें इस्तेमाल

कानूनी मामले में ChatGPT को वकील का ऑप्शन नहीं माना जाना चाहिए. AI कभी-कभी ऐसे कोर्ट केस, दलीलें भी तैयार कर सकता है जो असली नहीं होतीं हैं. जानकारी के मुताबिक, दुनियाभर में 2,000 से ज्यादा ऐसे अदालती मामलों का रिकॉर्ड है, जहां AI से जुड़े गलत तर्क सामने आए हैं.

इसलिए कानून की नॉर्मल जानकारी समझने के लिए AI फायदेमंद हो सकता है लेकिन अपने चल रहे केस, कानूनी विवाद या संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स की जानकारी शेयर करने से बचना चाहिए.

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बीमारी का इलाज तय करने के लिए AI पर भरोसा न करें

लक्षणों के आधार पर बीमारी, दवा या डाइट का फैसला ChatGPT से लेना खतरनाक हो सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति ने नमक में मौजूद क्लोराइड कम करने के लिए AI से सलाह ली और गलत जानकारी के आधार पर सोडियम ब्रोमाइड का सेवन करने लगा जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. AI से किसी मेडिकल टर्म या रिपोर्ट को समझा जा सकता है लेकिन बीमारी का निदान और इलाज डॉक्टर से ही कराना चाहिए.

ऑफिस की गोपनीय जानकारी अपलोड न करें

कंपनी की कॉन्फिडेंशियल फाइल, सोर्स कोड, ग्राहक का डेटा, पासवर्ड या NDA के तहत आने वाली जानकारी ChatGPT में डालना जोखिम भरा हो सकता है. रिपोर्ट में Samsung का उदाहरण दिया गया है, जहां कर्मचारियों द्वारा इंटरनल सोर्स कोड AI टूल में डालने के बाद कंपनी ने अपने डिवाइस पर जनरेटिव AI टूल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी. इसलिए ऑफिस के संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स के लिए हमेशा कंपनी की AI सर्विस और डेटा पॉलिसी का पालन करें.

पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स कभी न डालें

सबसे जरूरी बात यह है कि ChatGPT में पासवर्ड, OTP, बैंक अकाउंट नंबर, कार्ड की पूरी जानकारी, पासपोर्ट नंबर या ID डॉक्यूमेंट की फोटो जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं डालनी चाहिए. रिपोर्ट में पहले शेयर ChatGPT बातचीत के Google सर्च में दिखाई देने की घटना का भी उल्लेख किया गया है.

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