जैसे-जैसे इंटरनेट का यूज बढ़ रहा है, वैसे ही साइबर अटैक का खतरा बढ़ता जा रहा है. अब एआई के आने के बाद साइबर अटैक से बचना और भी मुश्किल हो गया है. दुनियाभर में रोजाना हजारों की संख्या में साइबर अटैक होते हैं, जिनमें लोगों के डेटा और पैसों की चोरी की जाती है. इस तरह के अटैक से बचने के लिए सावधान रहना बहुत जरूरी है. फिर भी अगर कभी आपका अकाउंट या सिस्टम हैक हो जाता है तो आपको तुरंत कुछ कदम उठाने की जरूरत है.

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हैक होने पर करें ये काम

इंटरनेट को कर दें डिस्कनेक्ट- अगर आपको लगता है कि आपका सिस्टम या डिवाइस हैक कर लिया गया है तो उसे तुरंत इंटरनेट से डिस्कनेक्ट कर दें. जब तक आपका सिस्टम इंटरनेट से कनेक्ट रहेगा, यह हैकर्स तक डेटा भेजता रहेगा. इसलिए इंटरनेट को डिस्कनेक्ट कर दें. साथ ही डिवाइस को एयरप्लेन मोड पर डालकर ब्लूटूथ समेत तमाम कनेक्टिविटी ऑप्शन बंद कर दें. 

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क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करें- अगर हैकिंग के बाद आपको अपने बैंक अकाउंट में संदिग्ध ट्रांजेक्शंस नजर आए तो तुरंत अपने कार्ड को ब्लॉक करवा दें. अगर आपके कार्ड से इनवैलिड ट्रांजैक्शन हुई है तो इसकी जानकारी बैंक और दूसरी एजेंसियों को दें. 

सभी अकाउंट्स के पासवर्ड बदल लें- अगर हैकर ने डेटा चोरी के लिए हैकिंग की है तो अपने सारे अकाउंट्स के पासवर्ड बदल लें. ध्यान रहे कि हैक हो चुके सिस्टम से पासवर्ड बदलने की गलती न करें. इसके लिए किसी दूसरे कंप्यूटर का स्मार्टफोन का सहारा लें. नया पासवर्ड बनाते समय बिल्कुल नए कैरेक्टर को चुनें और यह पुराने पासवर्ड से मिलता-जुलता नहीं होना चाहिए.

डिवाइस को करें स्कैन- जब आपने डिवाइस, कार्ड और अकाउंट को सिक्योर कर लिया है तो मालवेयर को हटाने के लिए अपने डिवाइस को स्कैन करें. इसके लिए आप माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर या दूसरे एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर की मदद ले सकते हैं.

डिवाइस को कर दें फैक्ट्री रिसेट - कई बार एंटीवायरस टूल्स से स्कैनिंग के बाद भी कई थ्रेट्स रह जाते हैं. अगर आपको भी अपने डिवाइस में स्कैन करने के बाद कोई संदिग्ध ऐप फिर नजर आ रही है तो डिवाइस को फैक्ट्री रिसेट करना सबसे इफेक्टिव तरीका है. इससे मालवेयर या वायरस की सिस्टम से छुट्टी हो जाएगी.

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