Digital India Internet Connection: इस डिजिटल दुनिया में आज हर लोगों तक इंटरनेट पहुंच चुका है. आज लोग इंटरनेट से अपने कई काम आसानी से कर लेते हैं. जैसे स्मार्टफोन लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है वैसे ही अब इंटरनेट भी धीर-धीरे लोगों के जीवन में अपनी जगह बना रहा है. बता दें कि डिजिटल इंडिया अभियान के 11 साल पूरे हो चुके हैं. सरकार के मुताबिक, इस पहल ने देश में डिजिटल सर्विस, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.

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4 गुना बढ़ गए इंटरनेट कनेक्शन

सरकार के अनुसार, इस अभियान के तहत, आज भारत में इंटरनेट कनेक्शनों की संख्या 102.86 करोड़ के पार पहुंच चुकी है. वहीं, मोबाइल डेटा की कीमत अब घटकर महज 8 से 10 रुपये प्रति जीबी रह गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2014 में भारत में इंटरनेट कनेक्शन लगभग 25.15 करोड़ थे जो 2026 तक बढ़कर 102.86 करोड़ हो गए हैं.

ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में भी बड़ा विस्तार

इतना ही नहीं, देश में ब्रॉडबैंड सर्विस ने भी काफी तेजी से विस्तार किया है. 2014 में 6.1 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 99.56 करोड़ हो चुके हैं. अब सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि तेज इंटरनेट स्पीड अब ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच चुकी है जिससे लोग अब डिजिटल इंडिया से जुड़ रहे हैं. इसके अलावा डिजिटल सेवाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच चुका है. यहां लोग इंटरनेट की मदद से पैसा निकालने से लेकर स्वास्थ सेवा का लाभ लेने तक के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

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ये बनी बड़ी वजह

सरकार का मानना है कि डिजिटल इंडिया अभियान का सबसे बड़ा असर इंटरनेट की कीमतों में देखने को मिला है. जहां 2014 में 1 जीबी मोबाइल डेटा की कीमत करीबब 269 रुपये थी वहीं, आज इसके लिए लोगों को महज 8 से 10 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. अब कम कीमत और फास्ट इंटरनेट ने लोगों को इस अभियान से जुड़ने को और प्रेरित किया है. अब लोग ऑनलाइन पढ़ाई, ई-कॉमर्स, डिजिटल पेमेंट और ई-गवर्नेंस जैसे सर्विसेज का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ चुका है.

सबसे तेज 5G रोलआउट

सरकार का कहना है कि भारत ने दुनिया के सबसे तेज 5G रोलआउट करने वाले देशों में अपनी जगह बनाई है. आज देश के लगभग 99.9 प्रतिशत जिलों में 5G सर्विस पहुंच चुकी है. इतना ही नहीं, फास्ट नेटवर्क ने लोगों के बीच इंटरनेट के इस्तेमाल को और तेजी से बढ़ाया है.

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