Crypto Scammers: Strait of Hormuz के पास सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं और इसी हालात का फायदा उठाकर साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अज्ञात लोग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर शिपिंग कंपनियों से क्रिप्टोकरेंसी में पैसे मांग रहे हैं ताकि उनके जहाज़ों को रास्ता मिल सके.

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नकली मैसेज से मांगा जा रहा क्रिप्टो भुगतान

ग्रीक मैरीटाइम रिस्क फर्म MARISKS ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि ये मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं. ठग कंपनियों से Bitcoin या Tether में भुगतान की मांग कर रहे हैं. इन मैसेज में कहा जाता है कि पहले जहाज के दस्तावेज जांच के लिए भेजें फिर एक तय फीस देने के बाद ही जहाज को सुरक्षित रास्ता मिलेगा.

पूरी तरह फर्जी दावा

MARISKS ने साफ कहा है कि ये संदेश किसी भी आधिकारिक ईरानी एजेंसी की ओर से नहीं हैं बल्कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी है. इसके बावजूद आशंका है कि कुछ जहाज इन निर्देशों के झांसे में आ भी चुके हैं.

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हमले और बढ़ता खतरा

स्थिति और जटिल तब हो गई जब हाल ही में कुछ जहाज़ों पर हमले की खबरें भी सामने आईं. एक तेल टैंकर और कंटेनर शिप को निशाना बनाया गया जिससे समुद्री रास्तों पर डर और बढ़ गया. India ने भी पुष्टि की कि प्रभावित जहाज भारतीय झंडे वाले थे और इस मामले को लेकर उसने ईरान से कड़ी आपत्ति जताई है.

वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर

Hormuz स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है. मौजूदा तनाव के चलते इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो रही है जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है.

क्रिप्टो फ्रॉड का बढ़ता दायरा

यह घटना दिखाती है कि अब साइबर अपराधी सिर्फ ऑनलाइन दुनिया तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे जमीनी और वैश्विक संकटों का भी फायदा उठा रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ऐसे फ्रॉड को ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है जिससे खतरा और बढ़ जाता है. Hormuz में चल रही इस स्थिति ने साफ कर दिया है कि संकट के समय ठग ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. ऐसे में शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को हर तरह के संदिग्ध मैसेज से सतर्क रहना जरूरी है.

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