Claude Mythos Risk: एआई टूल्स ने जीवन को आसान भी बनाया है, लेकिन इनका साइबर हमलों में इस्तेमाल होने का डर चिंता भी पैदा कर रहा है. हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने एंथ्रोपिक के एआई मॉडल Claude Mythos के खतरों को लेकर ध्यान आकर्षित किया था. अब कनाडा ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. कनाडा के बैंकिंग रेगुलेटर ने चेतावनी दी है कि पावरफुल एआई मॉडल्स की मदद से साइबर अटैकर्स खामियों का तुरंत पता लगाकर अटैक कर सकते हैं. बैंकों के पास अब बचाव के लिए कम समय बचेगा. बता दें कि भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इसी तरह की चिंता को लेकर बैंकों के साथ बैठक कर चुकी हैं. अप्रैल में हुई इस बैठक में सीतारमण ने बैंक प्रमुखों से Claude Mythos को लेकर सतर्कता बरतने और बचाव के कदम उठाने को कहा था.

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क्या बैंकिंग सिस्टम को ध्वस्त कर देगा नया एआई मॉडल?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा के बैंकिंग रेगुलेटर ने इस साल अप्रैल में देश के बड़े बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स, चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर और चीफ रिस्क ऑफिसर को एक ईमेल भेजा था. इसमें कहा था कि Claude Mythos जैसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स साइबर खतरों की रफ्तार बढ़ा सकते हैं, जिससे संस्थानों के पास अपनी सुरक्षा खामियों को दूर करने का समय नहीं बचेगा. ईमेल में लिखा गया था कि Claude Mythos जैसे मॉडल्स आने के बाद बैंकों के लिए अपने सिस्टम की कमियों को दूर करने के लिए समय कम हो गया है. 

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ट्रंप भी जता चुके हैं डर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एआई को लेकर डर जता चुके हैं. उन्होंने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि एआई के फील्ड में लगातार हो रहे विकास से ऐसी स्थिति नहीं आएगी, जहां मानवता के अस्तित्व पर ही खतरा आ जाएगा. एआई बैंकिंग जैसे कई सेक्टरों को सिक्योर और एफिशिएंट बना देगी, लेकिन इससे कई खतरे भी जुड़े हुए हैं. ट्रंप ने एआई में लगातार हो रहे विकास को कंट्रोल में रखने के लिए एक 'किल स्विच' की जरूरत भी बताई थी. 

Claude Mythos को लेकर इतनी चिंता क्यों?

Anthropic का यह मॉडल इतना पावरफुल है कि इसे अभी तक पब्लिक के लिए रोलआउट नहीं किया गया है. एंथ्रोपिक दुनियाभर में कुछ लिमिटेड कंपनियों के साथ मिलकर ही इसे टेस्ट कर रही है. यह मॉडल किसी भी सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को हैक कर सकता है. यह सॉफ्टवेयर की खामियों को तुरंत पकड़ लेता है. 

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