Chinese AI Model: एआई मॉडल की रेस में चीन लगातार सरप्राइज दे रहा है. पहले DeepSeek मॉडल के साथ तहलका मचाने वाले चीन ने एक और धमाके की तैयारी कर ली है. रिसर्चर का कहना है कि चाइनीज स्टार्टअप Zhipu AI ने एक नया GLM-5.2 मॉडल तैयार किया है, जो बग ढूंढने के मामले में एंथ्रोपिक के पावरफुल माइथोस मॉडल को टक्कर दे सकता है. इससे पता चलता है कि भले ही अमेरिकी कंपनियां इस रेस में आगे बनी हुई हैं, लेकिन चीन में अब ज्यादा पीछे नहीं है. 

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इसी महीने रिलीज हुआ है GLM-5.2 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Zhipu AI ने इसी महीने अपने GLM-5.2 मॉडल को रिलीज किया है. इसे Z.ai भी कहा जा रहा है और सॉफ्टवेयर में खामियां ढूंढने के मामले में यह कई अमेरिकी मॉडल को टक्कर दे सकता है. हालांकि, रीजनिंग और जनरल एआई कैपेबिलिटीज को लेकर यह OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों से पीछे है, लेकिन जानकारों का मानना है कि साइबर सिक्योरिटी के फील्ड में अब अमेरिकी और चाइनीज मॉडल में अंतर लगातार कम होता जा रहा है. GLM-5.2 एक open-weight मॉडल है. इसका मतलब है कि यूजर बिना किसी क्लाउड एक्सेस के इसे अपने डिवाइस पर डाउनलोड, मॉडिफाई और रन कर सकते हैं. इससे डेवलपर्स और एंटरप्राइजेज को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है, लेकिन अगर यह गलत हातों में पड़ जाए तो इसके खतरे भी हैं.

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मुकाबले में किसने मारी बाजी?

OpenRouter ने चाइनीज मॉडल को दुनिया के 10 सबसे ज्यादा यूज होने वाले एआई मॉडल्स में शामिल किया है. साइबर सिक्योरिटी कंपनी Semgrep ने भी पाया कि कई बेंचमार्क टेस्ट में चाइनीज मॉडल ने एंथ्रोपिक के Claude Opus 4.8 मॉडल को पछाड़ दिया था. रिसर्चर का कहना है कि एडिशनल प्रॉम्प्ट के सहारे GLM-5.2 और Claude Opus 4.8 मिलकर बग ढूंढने के काम में Mythos की बराबरी कर सकते हैं. अगर चाइनीज कंपनियों की तरफ से लगातार ऐसे मॉडल आते रहे तो अमेरिकी कंपनियों के लिए इस रेस में आगे बने रहना काफी मुश्किल होने वाला है.

अमेरिकी कंपनियों के लिए बजी खतरे की घंटी

GLM-5.2 को लेकर हैरान कर देने वाले दावे ऐसे समय सामने आए हैं, जब दुनियाभर की कंपनियां सस्ते एआई मॉडल की तरफ देख रही है. माइक्रोसॉफ्ट समेत कई कंपनियां इस बात पर विचार कर रही हैं कि क्या उन्हें अपने प्लेटफॉर्म्स पर चाइनीज एआई मॉडल अवेलेबल करवाने चाहिए. अगर यह ट्रेंड जोर पकड़ता है तो कंपनियों का झुकाव चाइनीज मॉडल्स की तरफ होगा और यह अमेरिकी कंपनियों के लिए खतरे की घंटी बन सकता है.

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