AI companions: चीन को डर सता रहा है कि उसके लोग कहीं एआई के प्यार में पड़कर अपना दिल न तोड़ बैठें. इससे बचने के लिए चीन की सरकार नए नियम लाने जा रही है ताकि लोगों को भावनात्मक तौर पर एआई पर निर्भर होने से रोका जा सके. दरअसल, कई लोगों के लिए एआई चैटबॉट अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रहे हैं. वर्चुअल फ्रेंड और स्टडी पार्टनर से लेकर ये डिजिटल गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड तक की भूमिका निभा रहे हैं. कई मामलों में लोग इन चैटबॉट्स पर खतरनाक हद तक डिपेंड हो जाते हैं.
नियम आने से पहले ही एक्टिव हो गईं कंपनियां
रिपोर्ट्स की मानें तो बाइटडांस और अलीबाबा जैसी चाइनीज कंपनियों ने ऐसे कई फीचर्स बंद कर दिए हैं, जिनसे यूजर एआई कंपैनियन को पर्सनलाइज कर उनके साथ चैटिंग कर पाते थे. बाइटडांस ने अपने यूजर्स को बताया है कि वह अपने कस्टम एआई पर्सोना फीचर को 15 जुलाई से बंद कर रही है. जिन यूजर्स को इस फीचर जैसा एक्सपीरियंस लेना है, उन्हें एक अलग कंपैनियन-फोक्स्ड ऐप पर रिडायरेक्ट किया जाएगा. अलीबाबा ने भी कह दिया है कि वह भी अपने एआई चैटबॉट Qwen से भी ऐसा फीचर डिसेबल कर रही है. इसी तरह Tencent और दूसरी एआई कंपनियों ने भी नए सरकारी नियम आने से पहले अपने प्लेटफॉर्म्स में बदलाव करने के संकेत दिए हैं.
एआई को लेकर नियम कड़े करेगा चीन
चीन ने एआई कंपैनियन को लेकर सख्ती बरतने की तैयारी कर ली है. अब उन एआई सर्विसेस पर कठोरता बरती जाएगी, जो इंसानी इमोशन और रिलेशनशिप की नकल करती है. अधिकारियों का कहना है कि असली कंपैनियन जैसी लगने वाली एआई सर्विसेस से लोग इमोशनली अटैच हो जाते हैं, जो खतरनाक हो सकता है. यंग यूजर्स के मामले में यह खतरा और बढ़ जाता है. सरकार का कहना है कि नए नियम इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि एआई एक हेल्पफुल टूल तक ही सीमित रहे और यह इंसानी रिश्तों को रिप्लेस न कर दें. नए नियम लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
- नए नियम लागू होने के बाद एआई कंपनियां ऐसा कोई कंटेट जनरेट नहीं कर पाएगी, जो टीनएज यूजर्स में एक्स्ट्रीम इमोशनल रिएक्शन पैदा कर सके.
- ऐसे एआई टूल नहीं बनाए जा सकेंगे जो असल दुनिया के रिश्तों को कमजोर कर टेक्नोलॉजी पर इमोशनल डिपेंडेंस को बढ़ाए.
- कोई भी कंपनी अपने एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए यूजर्स और चैटबॉट के बीच हुई सेंसेटिव बातचीत को यूज नहीं कर पाएगी.
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