Smartwatch: आज कल टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो चुकी है. अब स्मार्टफोन से लेकर स्मार्टवॉच तक ऐसे डिवाइस मार्केट में मौजूद हैं जो आपके कई सारे कामों को आसान बना देते हैं. अब तो एआई की मदद से इन डिवाइसेज में कई सारे फीचर्स मिलने लगे हैं जिनकी मदद से लोग अपनी हेल्थ की भी मॉनिटरिंग कर सकते हैं. ऐसे में अब एक नई टेक्नोलॉजी सामने आई है जिसमें माना जा रहा है कि स्मार्टवॉच बीमारी आने से पहले ही आपको चेतावनी दे देगी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
इन चीजों पर नजर रखती है स्मार्टवॉच
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टवॉच का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये आपके शरीर के नॉर्मल पैटर्न को समझकर उसमें होने वाले बदलावों को पहचान सकती है. अगर आपकी नॉर्मल हार्ट रेट, शरीर का तापमान या नींद का पैटर्न अचानक बदलने लगे तो ये किसी संभावित स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है.
हालांकि, ये बदलाव किस बीमारी के कारण हो रहा है, इसका सटीक जवाब स्मार्टवॉच नहीं दे सकती. ऐसे मामलों में डॉक्टर की जांच और मेडिकल टेस्ट ही आखिरी सहारा होते हैं.
हर हेल्थ डेटा पर आंख बंद करके भरोसा न करें
स्मार्टवॉच कई तरह के हेल्थ स्कोर और आंकड़े दिखाती हैं लेकिन सभी पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं माना जाता है. ये मशीन कभी-कभी किसी दूसरे कारणों से भी आपको गलत रीडिंग दे सकती है. ऐसे में अगर बार-बार आपको गलत रीडिंग मिलती है तो डॉक्टर पर भरोसा करना ज्यादा सही रहता है.
इन फीचर्स पर कर सकते हैं भरोसा
आपको बता दें कि अब तक हुए कई रिसर्च बताते हैं कि स्मार्टवॉच कुछ मामलों में काफी काम की डिवाइस साबित हुई हैं. खासतौर पर Atrial Fibrillation (AFib) यानी दिल की अनियमित धड़कन की पहचान करने में इनकी सटीकता अच्छी मानी गई है. ये ऐसी स्थिति है जो स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है और समय रहते इसका पता चलना बेहद जरूरी होता है.
इसके अलावा, रोजाना चलने वाले कदमों की संख्या और नींद का कुल समय जैसी जानकारी भी काफी हद तक भरोसेमंद मानी जाती है. हालांकि, नींद के अलग-अलग स्टेजों की डिटेल ट्रैकिंग अभी पूरी तरह सटीक नहीं मानी जाती.
क्या डॉक्टर की जगह लेगी स्मार्टवॉच
AI और स्मार्टवॉच लगातार बेहतर हो रही हैं लेकिन इन्हें डॉक्टर की जगह इस्तेमाल करना बिलकुल भी उचित नहीं माना जा सकता है. अगर कोई डिवाइस स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी देती है तो उसे केवल एक शुरुआती संकेत समझना चाहिए न कि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट.
सिर्फ ऐप या AI की सलाह के आधार पर दवा लेना या इलाज शुरू करना आपके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है. इसीलिए हमेशा सबसे पहले अपने डॉक्टर से ही सलाह लेनी चाहिए.
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