अब Earbuds सिर्फ गाने सुनने और कॉल रिसीव करने तक सीमित नहीं रहने वाले हैं. boAt ने ऑडियो डिवाइसेज को AI से जोड़ते हुए अपना नया Crest AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म को Google Cloud के साथ मिलकर तैयार किया गया है और इसमें Google Gemini की AI क्षमता का इस्तेमाल किया गया है. कंपनी का कहना है कि Crest AI रियल टाइम में जटिल सवालों को समझकर यूजर्स के साथ बातचीत कर सकेगा. boAt का यह नया प्लेटफॉर्म कंपनी के ऑडियो डिवाइसेज को वॉयस आधारित और ज्यादा पर्सनलाइज्ड AI एक्सपीरियंस से जोड़ता है. इसके जरिए यूजर्स अपने डिवाइस के साथ सामान्य बातचीत की तरह बात कर सकेंगे. 

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Gemini Live से होगी बातचीत

Crest AI में Gemini Live को इंटीग्रेट किया गया है. इसकी मदद से यूजर्स Crest AI वाले डिवाइसेज के साथ नेचुरल और लगातार बातचीत कर सकेंगे. इसका मकसद पारंपरिक हार्डवेयर और AI कंप्यूटिंग के बीच की दूरी को कम करना है. boAt और Google Cloud की यह साझेदारी भारत में अलग-अलग लैंग्वेज और बोलियों के यूजर्स तक प्रीमियम AI फीचर्स पहुंचाने पर भी फोकस करती है. इसके लिए Google Cloud के इंफ्रास्ट्रक्चर और Gemini Enterprise Agent Platform का इस्तेमाल किया जाएगा. 

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Gmail और Calendar भी होंगे कंट्रोल

Crest AI डिवाइसेज को Google Workspace के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा. इसके जरिए यूजर्स बिना हाथ लगाए Gmail, Google Tasks और Google Calendar जैसे टूल्स को मैनेज कर सकेंगे. ईमेल से जुड़े काम, टास्क और कैलेंडर से जुड़े जरूरी काम वॉयस कमांड के जरिए किए जा सकेंगे. इसके अलावा ईमेल का जवाब देने और मीटिंग शेड्यूल करने जैसे कामों के लिए भी वॉयस कमांड का इस्तेमाल किया जा सकेगा. 

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Crest Translate और Crest Ask क्या करेंगे?

Crest AI में दो खास फीचर्स भी शामिल हैं. Crest Translate रियल टाइम में दो तरफा लैंग्वेज ट्रांसलेशन की सुविधा देगा. इससे अलग-अलग लैंग्वेज बोलने वाले लोगों के बीच बातचीत आसान हो सकेगी. वहीं Crest Ask बातचीत के जरिए सवालों के जवाब देने, सीखने, नए आइडिया तैयार करने और रोजमर्रा के सवालों में मदद करेगा.

boAt और Google Cloud ने क्या कहा?

boAt के CEO गौरव नैयर के मुताबिक, Google Gemini को Crest AI डिवाइसेज में जोड़कर कंपनी सामान्य वॉयस असिस्टेंट से आगे बढ़कर ऐसे conversational agents तैयार कर रही है, जो वॉयस सवालों, डिवाइस कंट्रोल, म्यूजिक प्लेबैक, प्रोडक्टिविटी, लैंग्वेज और FAQ सपोर्ट में मदद कर सकें. Google Cloud के इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से boAt इस तकनीक को भारत में लाखों यूजर्स तक पहुंचाने की क्षमता रखता है. 

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