Best Efficiency Solar Panel: एआई और स्मार्टफोन की तरह हर फील्ड में टेक्नोलॉजी लगातार एडवांस होती जा रही है. इस विकास का असर अब सोलर एनर्जी के फील्ड में देखने को मिल रहा है और अब ऐसे सोलर पैनल आ गए हैं, जो सीधी धूप न होने पर भी बिजली जनरेट कर सकते हैं. इससे साल में ज्यादा दिनों तक पैनल बिजली बना पाएंगे. अगर आप भी सोलर पैनल लगवाना चाह रहे हैं तो आज हम आपके लिए सोलर पैनल की 2 नई टेक्नोलॉजी की जानकारी लेकर आए हैं, जो एफिशिएंसी के मामले में सबसे आगे हैं. 

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सबसे ज्यादा एफिशिएंसी वाले पैनल 

Perovskite solar cells: सोलर पैनल टेक्नोलॉजी में यह सबसे एडवांस चीज है. ये पैनल विजिबल के साथ-साथ इन्फ्रारेड लाइट को कैप्चर कर सकते हैं. इस कारण इनकी एफिशिएंसी सबसे ज्यादा होती है. लैब प्रोटोटाइप में इन पैनल ने 30 प्रतिशत से अधिक एफिशिएंसी हासिल की है. इनका एक फायदा यह भी है कि इन्हें आसान और कम टेंपरेचर वाली प्रोसेस से तैयार किया जा सकता है. इससे मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम होती है. यह अभी नई टेक्नोलॉजी है और दुनियाभर की कंपनियां इस पर काम करने में लगी हुई है. माना जा रहा है कि अगले कुछ सालों में यह टेक्नोलॉजी सोलर एनर्जी को पूरी तरह बदलकर रख देगी.

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Perovskite solar पैनल के फायदे-नुकसान?

इन पैनल को एक खास क्रिस्टल स्ट्रक्चर से तैयार किया जाता है तो सनलाइट के अलग-अलग स्पेक्ट्रम को कैप्चर कर सकता है. रियर वर्ल्ड में 27 प्रतिशत से ज्यादा की एफिशिएंसी दिखा सकते हैं. सिंपल फैब्रिकेशन के कारण इसे बनाना आसान होता है. ये हल्के और फ्लेक्सिबल होते हैं. हालांकि, गर्मी और नमी को लेकर अभी इन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा इन्हें मास लेवल पर प्रोड्यूस करना भी मुश्किल काम है.

TOPCon bifacial solar modules- इनका पूरा नाम टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट (TOPCon) बाईफेशियल सोलर पैनल होता है. ट्रेडिशनल पैनल जहां सिर्फ फ्रंट से सनलाइट को अब्जॉर्ब करते हैं, वहीं ये पैनल फ्रंट और बैक दोनों साइड से सनलाइट कलेक्ट कर सकते हैं. यानी सीधे सूरज से आने वाली धूप के अलावा जमीन, पानी और बिल्डिंग से रिफ्लेक्ट होकर आने वाली धूप से भी ये बिजली बना सकते हैं. इस कारण इनका एनर्जी आउटपुट बढ़ जाता है. यही वजह है कि इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है. 

क्या हैं फायदे-नुकसान

इन पैनल को हाई-एफिशिएंसी सिलिकॉन सेल्स से तैयार किया जाता है, जिस पर पैसिवेटिड कॉन्टैक्ट लेयर होती है. बाईफेशियल होने के कारण इनकी एफिशिएंसी ज्यादा होती है और ये तेज धूप न होने पर भी एनर्जी प्रोड्यूस कर सकते हैं. नुकसान की बात करें तो इनकी लागत ज्यादा होती है और जरा भी छाया पड़ने पर ये ठीक तरीके से काम नहीं कर पाते.

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