Apple AI: टेक दिग्गज Apple का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ सफर अब तक थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है. जब कंपनी ने अपना AI फीचर Apple Intelligence पेश किया तो शुरुआती अनुभव बहुत प्रभावशाली नहीं था और इसमें कई खामियां नजर आईं. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कमजोर शुरुआत के बावजूद Apple AI से अरबों की कमाई करने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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iPhone की ताकत बना रही है Apple को AI में मजबूत

स्मार्टफोन बाजार में Apple की पकड़ किसी से छिपी नहीं है. खासतौर पर iPhone की नई सीरीज ने कंपनी को और ज्यादा मजबूत बना दिया है. यही वजह है कि Google, OpenAI और दूसरी AI कंपनियां अपने टूल्स को बड़े स्तर पर पहुंचाने के लिए Apple के प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं. Apple का इकोसिस्टम इतना बड़ा है कि कोई भी AI ऐप अगर ज्यादा यूजर्स तक पहुंचना चाहता है तो उसे iPhone और App Store का सहारा लेना ही पड़ता है.

App Store से हो रही है जबरदस्त कमाई

Apple की असली कमाई उसके AI बनाने से नहीं, बल्कि दूसरों के AI से हो रही है. कंपनी App Store पर आने वाले ऐप्स से कमीशन लेती है. पहले साल यह करीब 30% तक होता है जबकि बाद में यह घटकर 15% हो जाता है.

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रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025 में AI ऐप्स ने Apple को सिर्फ स्टोर फीस के जरिए लगभग 900 मिलियन डॉलर की कमाई करवाई. यानी बिना खुद बड़ा AI प्रोडक्ट बनाए भी Apple इस क्षेत्र से भारी मुनाफा कमा रहा है.

सर्विस बिजनेस बन रहा है असली गेम चेंजर

हालांकि यह कमाई Apple की कुल डिवाइस सेल्स के मुकाबले कम है लेकिन कंपनी के सर्विस सेगमेंट के लिए यह बेहद अहम है. पिछले कुछ सालों में Apple का सर्विस बिजनेस तेजी से बढ़ा है और इसमें मुनाफा भी ज्यादा होता है. यही वजह है कि निवेशकों की नजर भी अब इस हिस्से पर ज्यादा है.

Siri को मिलेगा AI का नया दम

Apple ने अब अपनी कमजोर कड़ी को भी मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. कंपनी ने Google के साथ साझेदारी की है जिसके तहत Gemini को Siri में शामिल किया जाएगा. इससे Siri पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट और भरोसेमंद बन सकती है. माना जा रहा है कि आने वाले WWDC 2026 में Apple अपने AI फीचर्स को और बड़े स्तर पर पेश कर सकता है.

कम AI बनाकर भी बड़ा फायदा

Apple का मॉडल थोड़ा अलग है. जहां दूसरी कंपनियां खुद AI बनाने में जुटी हैं, वहीं Apple अपने मजबूत प्लेटफॉर्म का फायदा उठाकर दूसरों की तकनीक से कमाई कर रहा है. यही रणनीति उसे AI की रेस में पीछे होते हुए भी मुनाफे में आगे बनाए हुए है.

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