AI Boosting App Stores: यह कहा जा रहा था कि एआई के आने से ऐप्स खत्म हो जाएंगी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है. एआई के कारण नई लॉन्च होने वाली ऐप्स की संख्या बढ़ गई है. मार्केट इंटेलीजेंस फर्म ऐपफिगर्स की रिपोर्ट से पता चलता है कि इस साल की पहली तिमाही में लॉन्च होने वाली ऐप्स की संख्या में सालाना आधार पर 60 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. ऐप्पल के ऐप स्टोर के साथ-साथ गूगल प्ले स्टोर पर भी यह संख्या बढ़ी है. अगर सिर्फ ऐप स्टोर को देखा जाए तो यह आंकड़ा पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में 80 प्रतिशत ज्यादा है.
ऐप्स को किन चीजों से बताया जा रहा था खतरा?
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब एआई चैटबॉट्स और एजेंट्स से ऐप्स को खतरा बताया जा रहा था. नथिंग के सीईओ कार्ल पेई समेत कई लोगों का मानना है कि एआई चैटबॉट्स और एजेंट्स के कारण लोग ऐप्स से दूरी बनाने लगेंगे. हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी है. एआई के कारण ऐप्स बनाना आसान हो गया है और अब कोई भी ऐप बना सकता है. ताजा रिपोर्ट इसी तरफ इशारा कर रही है कि एआई के कारण ऐप स्टोर को बूस्ट मिला है. इसके पीछे उन लोगों का भी हाथ हो सकता है, जिनके पास आईडियाज थे, लेकिन एआई से पहले ऐप बनाने की टेक्नीकल स्किल नहीं थी.
इन कैटेगरीज में लॉन्च हो रही हैं ज्यादा ऐप्स
पिछले साल की तरह इस साल भी पहली तिमाही में सबसे ज्यादा मोबाइल गेम्स से जुड़ी ऐप्स लॉन्च हुई है. इस साल यूटिलिटी ऐप्स दूसरे नंबर पर आ गई है. पिछले साल 5वें स्थान पर रहने वाली लाइफस्टाइल कैटेगरी इस साल तीसरे स्थान पर आ गई है. प्रोडक्टिविटी ऐप्स ने इस साल टॉप-5 में एंट्री मारी है और चौथे स्थान पर रही, जबकि पांचवा स्थान हेल्थ एंड फिटनेस ऐप्स ने हासिल किया.
डिमांड और कमाई दोनों ही बढ़ी
पिछले कुछ समय से देखा जाए तो एआई चैटबॉट्स और प्रोडक्टिविटी टूल्स की डिमांड खूब बढ़ी है. लॉन्च होते ही इन ऐप्स को यूजर्स हाथों-हाथ ले रहे हैं. एआई जनरेटेड इमेज के ट्रेंड्स में आने के कारण भी लोग ऐसी ऐप्स खूब डाउनलोड कर रहे हैं. इससे डेवलपर्स की कमाई भी बढ़ रही है. यही कारण है कि अब डेवलपर्स लगातार नई-नई ऐप्स लॉन्च करने में लगे हुए हैं.
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