AC Sleep Mode: गर्मी में AC के बिना काम चलना मुश्किल हो गया है. देश के कई शहरों में टेंपरेचर 45 डिग्री के पार चला गया है और रात के समय भी गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही. ऐसे में आराम से सोने के लिए कमरे में ठंडक जरूरी है. इसके लिए कई लोग रात को सोते समय एसी में स्लीप मोड ऑन कर लेते हैं. ब्रांड और मॉडल के हिसाब से इसका यूज अलग-अलग हो सकता है. आज हम जानेंगे कि स्लीप मोड कैसे काम करता है और इससे कमरे की कूलिंग और बिजली की खपत पर क्या असर पड़ता है.

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कैसे काम करता है स्लीप मोड?

मॉडर्न एसी में आपको यह सेटिंग आसानी से मिल जाएगी. हालांकि, ब्रांड के हिसाब से इसका काम करने का तरीका अलग हो सकता हैं. कई कंपनियों के एसी में यह एक टाइमर की तरह काम करता है. यानी सेलेक्टेड टाइम के बाद एसी अपने आप बंद हो जाएगा. आपको नींद से उठकर इसे बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. थोड़े एडवांस्ड एसी की बात करें तो यह कूलिंग को कम कर देता है. इस कारण लगातार एक्टिव रहने के बाद भी एसी रूम को एकदम ठंडा नहीं करता, जिससे नींद में डिस्टर्ब होती. यह टेंपरेचर को एक जगह सेट रखता है और आपको रात में गर्मी या ठंड के कारण उठना नहीं पड़ता. 

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एक और तरीके से भी काम करता है स्लीप मोड

सेलेक्टेड टाइम के बाद बंद होने और टेंपरेचर को एडजस्ट करने के अलावा यह मोड एक और तरीके से भी काम करता है. कई एसी में स्लीप मोड एक्टिव होने के बाद फैन स्पीड कम हो जाती है. इससे शोर भी कम होता है और सोने के लिए पर्याप्त ठंडक मिलती रहती है. कुछ मॉडल में आप स्लीप मोड को टाइमर के साथ भी कंबाइन कर सकते हैं, जिससे यह टेंपरेचर एडजस्ट करने के साथ-साथ सेट किए गए टाइम पर बंद हो जाएगा.

कूलिंग और बिजली की खपत पर कितना असर?

स्लीप मोड के काम करने के हिसाब से कूलिंग एडजस्ट होती रहती है. फिर भी हर तरीके से यह एनस्योर किया जा सकता है कि रात को सोते समय कमरे में गर्मी न हो. अगर बिजली खपत की बात करें तो स्लीप मोड कुछ बिजली बचाने में मदद करता है. लगातार हाई पावर पर एसी न चलने के कारण इसके पार्ट्स पर लोड कम पड़ता है, जिससे बिजली की बचत होती है.

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