AC Cooling Capacity: गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और अब पारा आसमान छूने लगेगा. ऐसी गर्मी से बचाव के लिए AC ही एकमात्र सहारा बचता है. अगर आप इस बार अपने कमरे के लिए एसी खरीद रहे हैं तो आपको सिर्फ टन की ध्यान नहीं रखना है. अगर आप केवल टन देखकर खरीदेंगे तो गड़बड़ हो सकती है. टन के साथ-साथ आपको यह भी देखना है कि एसी की कूलिंग कैपेसिटी कितनी है. अगर आप कमरे के हिसाब से सही Cooling Capacity सेलेक्ट करते हैं तो कूलिंग भी एकदम सही होगी और आपका बिजली का बिल भी बचेगा.
क्या होती है AC Cooling Capacity?
आसान भाषा में समझें तो कूलिंग कैपेसिटी का मतलब है कि एसी कितने समय में कितनी गर्मी को हटा सकता है. आमतौर पर यह यह watts (W) में मापी जाती है. ज्यादा कूलिंग कैपेसिटी का मतलब है कि यह गर्मी को जल्दी हटाएगी, जिससे कमरा जल्दी ठंडा होगा. बता दें कि 1.5 टन रेटिंग वाले एसी में अलग-अलग कूलिंग कैपेसिटी मिल सकती है. कुछ मॉडल 3,500W की कूलिंग कैपेसिटी के साथ आते हैं तो कुछ में आपको 5,000W का भी ऑप्शन मिल जाएगा. जाहिर है कि 1.5 टन रेटिंग होने के बावजूद 5,000W वाला एसी आपके कमरे को जल्द ठंडा करेगा.
AC Cooling Capacity का बिजली पर क्या असर?
कम कूलिंग कैपेसिटी वाले एसी को कमरा ठंडा करने के लिए ज्यादा देर तक काम करना पड़ेगा. इससे बिजली की खपत ज्यादा होगी और आपको ज्यादा बिल देना पड़ेगा. दूसरी तरफ ज्यादा कूलिंग कैपेसिटी वाला एसी थोड़ी देर में कमरा ठंडा कर देगा. इससे एसी को ज्यादा देर तक नहीं चलना पड़ेगा, जिससे बिजली की खपत कम हो जाएगी.
AC खरीदते समय और किन बातों का ध्यान रखें?
एनर्जी स्टार रेटिंग- इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर एनर्जी स्टार रेटिंग लगी होती है. 5 स्टार का मतलब है कि यह प्रोडक्ट सबसे कम बिजली की खपत करेगा. 5 स्टार रेटिंग वाले प्रोडक्ट्स की कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन कुछ ही समय में ये बिजली की बचत कर उसकी कीमत को पूरा कर देते हैं.
इन्वर्टर एसी लेना है फायदेमंद- बाजार में इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर दोनों तरह के ऑप्शन अवेलेबल हैं. बिजली की बचत करने के लिए इन्वर्टर एसी बेहतर ऑप्शन है. यह रूम के टेंपरेचर के हिसाब से कंप्रेसर की स्पीड को एडजस्ट कर देता है. इससे बिजली भी बचती है और एसी ज्यादा शोर भी नहीं करता.
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