Low Battery Anxiety: अगर फोन की बैटरी कम होने पर आपको टेंशन होने लगती है तो आप ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं है. भारत में हर 10 में से 9 लोगों को यह टेंशन रहती है. जैसे ही फोन की बैटरी लाल होती है, उनकी चिंता और बढ़ जाती है. एक ताजा रिपोर्ट में पता चला है कि करीब 90 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स की चिंता उस समय बढ़ जाती है, जब उनके फोन की बैटरी 30-50 प्रतिशत के बीच होती है. जैसे-जैसे बैटरी का लेवल कम होता जाता है, उनकी यूजर्स की एंग्जायटी बढ़ती जाती है. हाल ही में सामने आई काउंटरप्वाइंट रिसर्च और फ्लिपकार्ट की रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है.

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सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

सर्वे के मुताबिक, करीब 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब उनके फोन की बैटरी 50 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत होती है तो उन्हें एंग्जायटी होने लगती है. 90 प्रतिशत यूजर्स ही ऐसे हैं, जो दिन में दो बार अपने फोन को चार्ज करते हैं. वहीं करीब 40 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वो अपने फोन को चार्ज लगाने के बाद भी यूज करते हैं. सर्वे में शामिल 65 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वो बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस के लिए अपने फोन को बदलने के लिए तैयार हैं. इसी तरह 40 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स ने बताया कि वो सुबह उठने के बाद सबसे पहले फोन और रात को सोने से पहले भी फोन यूज करते हैं. बता दें कि 75 करोड़ मोबाइल यूजर्स के साथ भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन मार्केट है. 

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AI फीचर्स देखकर फोन खरीद रहे हैं लोग

कैमरा और बैटरी की जगह लोग अब एआई फीचर्स देखकर फोन खरीदने लगे हैं. काउंटरप्वाइंट और फ्लिपकार्ट की इसी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है. इसमें बताया गया है कि लगभग 89 प्रतिशत लोग अब फोन खरीदने से पहले उसके एआई फीचर्स देख रहे हैं. 

AI फीचर्स बने डिसाइडिंग फैक्टर 

स्मार्टफोन की च्वॉइस में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस अब एक कोर फैक्टर बन गई है. करीब 89 प्रतिशत लोग एआई फीचर्स देखकर फोन खरीदने के डिसीजन ले रहे हैं. खास बात यह भी है कि 15,000-20,000 की कीमत वाले फोन के सेगमेंट में भी लोग एआई फीचर्स पर पूरा ध्यान दे रहे हैं. Gen Z यूजर्स जहां एआई को कंटेट क्रिएशन और एंटरटेनमेंट के लिए यूज कर रहे हैं, वहीं मिलेनियल प्रोडक्टिविटी और प्लानिंग में इनका इस्तेमाल कर रहे हैं. महिलाओं की बात करें तो रोजमर्रा के कामों में मदद और लाइफस्टाइल जरूरतों के लिए एआई फीचर्स यूज कर रही हैं.

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