ChatGPT: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय में सबसे ताकतवर टूल बनकर उभर रहा है. लोग अब अपने काम को आसान बनाने के लिए एआई का सहारा ले रहे हैं. इतना ही नहीं, आज सरकारी से लेकर प्राइवेट दफ्तरों तक एआई का इस्तेमाल हो रहा है. इसके साथ ही अब साइबर हमलों में भी एआई का तेजी से इस्तेमाल होने लगा है. इसी कड़ी में बता दें कि जापान में एक 15 साल के छात्र को चैटजीपीटी की मदद से साइबर हमला करने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

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जापान का है केस

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जापान पुलिस ने एक 15 साल के लड़के को साइबर अटैक के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इसने 4 नवंबर 2025 को Bandai Namco Filmworks के सर्वर पर फर्जी कमांड भेजे थे जिससे कंपनी को काफी नुकसान हुआ था.

ChatGPT का हुआ इस्तेमाल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस युवक ने साइबर हमला चैटजीपीटी की मदद से किया था. हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि ChatGPT ने खुद हमला नहीं किया बल्कि पहले से मौजूद कोड को बेहतर बनाने और उसे नए फॉर्मेट में बदलने में मदद की थी.

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह जापान के शुरुआती मामलों में से एक हो सकता है, जहां किसी साइबर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर को बेहतर बनाने में जनरेटिव AI की भूमिका सामने आई है.

जांच में हुआ खुलासा

आपको बता दें कि जांच में सामने आया कि इस साइबर हमले के दौरान बिना परमिशन 46 हजार से ज्यादा यूजर अकाउंट डिलीट कर दिए गए थे. इसके चलते कंपनी को काफी नुकसान हुआ था. बता दें कि इसके बाद कंपनी को अपनी कई सर्विस को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था.

वहीं, दोबारा से सिस्टम को नॉर्मल करने में करीब 1 महीने से भी ज्यादा का समय लगा था. इस दौरान कंपनी ने प्रभावित यूजर्स को रिफंड भी दिया था.

युवक पर पुलिस के आरोप

बता दें कि पुलिस का कहना है कि छात्र ने कंपनी की सेफ्टी सिस्टम को चकमा देने के लिए लगभग 30 बार अपना IP एड्रेस बदला था. कंपनी ने सेफ्टी सिस्टम को लागू किया था उसके बाद भी उसने साइबर हमले करना बंद नहीं किया था. इसीलिए उस पर बिजनेस में गड़बड़ी करने का आरोप है.

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