उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया गया है जो राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों में लागू होगा. 7 अप्रैल 2026, मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में योगी सरकार ने आंबेडकर जयंती से पहले बड़े फैसले पर मुहर लगाई है.

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कैबिनेट की बैठक में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा में छत्र, बाउंड्रीवॉल व सौंदर्याकरण करने का प्रस्ताव पास हुआ है. फैसले के मुताबिक योगी सरकार यूपी की हर विधान सभा में 10 स्मारकों का विकास करवाएगी. फैसले के अनुसार हर विधानसभा में डॉ आंबेडकर के 10 स्मारकों के विकास के लिए योगी सरकार 403 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

यूपी कैबिनेट द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा- वर्तमान में अनेक मूर्तियां निर्धारित विधिक मानकों के अनुरूप स्थापित है जहां छत्र (छाजन) एवं बाउंड्रीवॉल नहीं है. इस कारण से मूर्तियां मौसम की मार, अतिक्रमण एवं उपेक्षा शिकार होती हैं. पर्याप्त सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के अभाव में इन प्रतिमाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है.

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403 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सरकार की ओर से कहा गया कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित ऐसी मूर्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करन तथा उनके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कर उन्हें संरक्षित एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है. मूर्तियों की सुरक्षा तथा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण किया जा सकेगा तथा मूर्ति स्थलों का सौंदर्यीकरण होगा. इस प्रकार मूर्ति स्थलों को जनोपयोगी बनाया जाएगा.

लिखा गया है कि डॉ.बी.आर.आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को प्रारंभ किये जाने से मूर्तियों के आस-पास स्थल का विकास, बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन होगा. प्रत्येक विधान सभा में 10 स्मारकों का विकास कराया जाएगा तथा प्रति स्मारक लागत का 10.00 लाख निर्धारित है. इस प्रकार कुल 403 विधान सभाओं में 10 स्मारकों के विकास हेतु कुल 403 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है.

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इसके साथ ही औद्योगिक विकास विभाग के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजनांतर्गत निःशुल्क टैबलेट हेतु अंतिम बिड हेतु प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. इसके तहत 25 लाख टैबलेट खरीदे जाएंगे. अभी तक 60 लाख स्मार्टफोन व टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं. औद्योगिक विकास विभाग की हाई पॉवर कमेटी द्वारा संस्तुतियों को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है.