उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय युवाओं को उनके क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल क्रांति की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘ब्लू डॉट्स AI’ (Blue Dots AI) पहल शुरू की जा रही है, जिसके तहत स्थानीय भाषा में नौकरी की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से उपलब्ध होगी. 

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व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश का पहला Joint Facilitation Center (JFC) का उद्घाटन किया. गाजियाबाद में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब इस पहल को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जा रहा है.

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मोबाइल मैप पर दिखेंगी आसपास की नौकरियां

इस प्लेटफॉर्म के जरिए युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी जुड़ सकेंगे. मोबाइल मैप पर आसपास उपलब्ध नौकरियों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी. स्थानीय उद्योगों और MSMEs को भी आसपास के प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी.

18 मंडलों में शुरू होगी डिजिटल रोजगार पहल

प्रदेश के सभी 18 मंडलों में Joint Facilitation Centers स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों में जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उद्योग संघ एकीकृत रूप से कार्य करेंगे. ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन और हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी सहयोग दे रहे हैं.

गाजियाबाद पायलट मॉडल सफल, अब पूरे प्रदेश में विस्तार

गाजियाबाद में पायलट प्रोजेक्ट में कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक रोजगार अवसर और 15 हजार अभ्यर्थियों का पंजीकरण हुआ. मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जानकारी के अभाव में युवा दूर-दराज रोजगार की तलाश में भटकते हैं. ‘ब्लू डॉट्स AI’ इसी समस्या का समाधान करेगा.

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का नया मॉडल

मंत्री ने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा. इस पहल से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और कुशल श्रमिकों को सही अवसर मिलेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि सूचना की कमी के कारण कोई भी योग्य युवा बेरोजगार न रहे.

‘ब्लू डॉट्स AI’ को सफल बनाने के लिए विभागीय टीमों, उद्योग संघों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वय पर जोर दिया गया है. इस पहल से प्रदेश में रोजगार सृजन की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी.

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