UP News: योगी सरकार प्रदेश में एआई आधारित नवाचार और फ्यूचर स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए एआई लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रही है. यह कान्फ्रेंस आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस द्वारा 20 जनवरी को होटल सेंट्रम में होगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में नवाचार, क्षमता निर्माण और रोजगारपरक कौशल पर मंथन किया जाएगा.
गूगल, माइक्रोसाॅफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियां करेंगी शिरकत
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव ने बताया कि कान्फ्रेंस का उद्देश्य प्रदेश में एआई आधारित नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं और सरकारी अधिकारियों की डिजिटल क्षमता को सशक्त बनाना तथा उद्योग-सरकार-शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है.
कार्यक्रम में देश और दुनिया की अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और समाधान साझा करेंगे. सम्मेलन के पहले सत्र में भारत सरकार के भाषिणी प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें बहुभाषी डिजिटल सशक्तिकरण और नागरिक सेवाओं में भाषा प्रौद्योगिकी की भूमिका पर चर्चा होगी.
इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, गूगल, वाधवानी फाउंडेशन और इंटेल जैसी वैश्विक कंपनियां एआई, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल इकोसिस्टम और इंडस्ट्री रेडी टैलेंट पर अपने-अपने विचार और केस स्टडी प्रस्तुत करेंगी.
कार्यक्रम में कई दिग्गज कंपनियां साइन करेंगी एमओयू
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की विशेष सचिव नेहा जैन ने बताया कि दोपहर के सत्र में प्रदेश की आईटी नीति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं के लिए अवसरों पर प्रकाश डाला जाएगा. कार्यक्रम का अहम आकर्षण नासकॉम के फ्यूचर स्किल्स प्राइम कार्यक्रम पर प्रस्तुति और सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस व नासकॉम के बीच एमओयू साइनिंग होगा.
यह करार प्रदेश के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने, उद्योग-उपयोगी स्किल्स विकसित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
इसके अलावा NVIDIA, Red Hat, 1M1B (वन मिलियन फॉर वन बिलियन) फाउंडेशन, सिफी टेक्नोलॉजीज और कोर्सेरा जैसी संस्थाएं एआई, क्लाउड, ओपन-सोर्स, डिजिटल लर्निंग और वैश्विक स्किल प्लेटफॉर्म्स पर प्रस्तुतियां देंगी.
सम्मेलन के अंतिम चरण में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा एआई प्रज्ञा पहल पर विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जो प्रदेश में एआई साक्षरता और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.