Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya: योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार सुनिश्चित किया है. हालिया आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में एक ओर जहां रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर आधारभूत ढांचे और छात्राओं की दैनिक सुविधाओं के विस्तार में भी प्रगति दर्ज की गई है. इतना ही नहीं, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग सामग्री एवं स्टेशनरी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है.

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योगी सरकार की नीतिगत सख्ती, सतत निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के चलते केजीबीवी अब आवासीय विद्यालय के साथ-साथ सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं. यह परिवर्तन प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है.

आधारभूत सुविधाओं में तेजी से विस्तार

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प्रदेश के विभिन्न जनपदों में केजीबीवी के अंतर्गत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है. आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में इन कार्यों को पूर्ण कर छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है.

तेजी से भरे जा रहे रिक्त पद

केजीबीवी के रिक्त पदों में सुधार की प्रक्रिया तेज है. आंकड़े बताते हैं कि प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जनपदों में उच्च रिक्तियों को चिह्नित कर उनकी पूर्ति की प्रक्रिया तेज की गई है. ऐसे जनपदों में आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रगति पर है. वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर जैसे कई जनपदों में कोई भी पद रिक्त नहीं. ऐसे जिलों में रिक्तियों की संख्या शून्य होना प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित व्यवस्था का संकेत है.

सुगम बनाया जा रहा छात्राओं का दैनिक जीवन

छात्राओं के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट एवं वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही हैं.

भवन मरम्मत का भी तेजी से हो रहा कार्य

भवन मरम्मत कार्यों में भी तेजी आई है. वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80% कार्य प्रगति दर्ज की गई है. अन्य जनपदों में भी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं. निर्माण कार्यों से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में केजीबीवी के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विस्तार तेज गति से हुआ है और अब अधिकांश कार्य हैंडओवर की अंतिम प्रक्रिया में हैं. आंकड़ों के मुताबिक बाराबंकी में कुल 34 कार्य (20 अतिरिक्त डॉरमिटरी, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमिटरी, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) तथा लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं.

इसी क्रम में बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) सहित कई जनपदों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं. यानी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य धरातल पर पूर्ण हो चुके हैं और अब हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है. योगी सरकार ने पहले चरण में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और अब उसे व्यवस्थित रूप से विद्यालयों को सौंपकर छात्राओं के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शीघ्र ही इन सुविधाओं का पूर्ण लाभ बालिकाओं को मिल सकेगा.