कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने को लेकर तैयारी. इस कैबिनेट प्रस्ताव में दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित एवं अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को मंजूरी देने के साथ ही विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक के अलाइनमेंट को भी स्वीकृति प्रदान कर दी.

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यूपी का एक्सप्रेसवे नेटवर्क होगा मजबूत

इस प्रस्ताव के तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक 50.98 किलोमीटर लंबे छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा. प्रदेश कैबिनेट ने इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,775.84 करोड़ रुपये है. 

योजना के अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 90.84 किलोमीटर लंबे छह लेन (आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा. वही इस तरह कुल मिलाकर कैबिनेट ने 12,264 करोड़ रुपये से अधिक की दो लिंक परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है.

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कैबिनेट की मंजूरी के बाद दोनों परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी. चयनित एजेंसी को लगभग 36 माह में निर्माण कार्य पूरा करना होगा, जबकि इसके बाद पांच वर्षों तक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी उसी की होगी.

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उद्योग, निवेश और  तेज आवागमन को मिलेगा बढ़ावा

योगी सरकार का उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है. इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी. साथ ही समय और ईंधन की बचत के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.

कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे के छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड मार्ग को भी मंजूरी दी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना के तहत प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा. 

इसके अलावा योजना को मजबूत बनाने के लिए विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. लगभग 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगी.

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