योगी सरकार ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. यह जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने शुक्रवार (1 मई) को 'अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस' के मौके पर दी.

Continues below advertisement

उन्होंने लखनऊ में आयोजित श्रमिक संवाद 2026 में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रमिकों के साथ-साथ हर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं. यूपी की जीडीपी बढ़ाने में श्रमिकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है. जैसे-जैसे आर्थिक विकास होगा, उसी क्रम में सामाजिक विकास भी होगा.

असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नए लेबर कोड्स और 'आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन के माध्यम से सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए छुट्टियों, काम के घंटों और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और अनिवार्य बना दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कर्मचारियों का शोषण संभव नहीं होगा और उनके अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है.

Continues below advertisement

इस दौरान उन्होंने सभी विभागों से आउटसोर्स कर्मचारियों को 15 दिन के अंदर आईडी कार्ड जारी करने के लिए कहा. इसके साथ बेहतर काम करने वालों को वार्षिक प्रमाणपत्र और इनाम देने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा. उन्होंने कहा कि हमें श्रम कानून लागू करने का संकल्प लेना होगा. 

सुल्तानपुर में 140 मुर्गियों की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस का खुलासा- DJ की तेज आवाज ने ली जान

श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य 'अंत्योदय' है. आउटसोर्सिंग कर्मचारी हमारी व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है. आज श्रमिक दिवस पर यह सुधार उन्हीं के पसीने की कीमत और उनके अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

श्रमिकों के बच्चों का रखा ध्यान

इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि देश-प्रदेश को अग्रणी बनाने में श्रमिकों का योगदान है. योगी सरकार उन्हें श्रम कार्ड, वेतन वृद्धि जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध करा रही है. 18 जिलों में अटल आवासीय विद्यालय बन चुके हैं, जिनमें हजारों श्रमिकों के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं यूपी सिडको चेयरमैन वाईपी सिंह ने कहा कि योगी सरकार में श्रमिकों का आज ही नहीं, बल्कि हर दिन सम्मान होगा. इस सरकार में उनका भविष्य पहले से बेहतर रहेगा.

कार्यक्रम के दौरान श्रमिक और आउटसोर्स कर्मियों ने मंच से अपनी बातें भी साझा कीं. वहीं कार्यक्रम में चार नए श्रम कानूनों की भी जानकारी दी गई. बताया गया कि कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण के लिए छुट्टियों के नियमों में व्यापक सुधार किया गया है. भारत सरकार के नए लेबर कोड्स के अनुरूप उत्तर प्रदेश में वेतन ढांचे को बनाया गया है. 

'आउटसोर्स सेवा निगम' का प्रभाव

1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए इस निगम के माध्यम से बिचौलियों के शोषण को जड़ से समाप्त किया जा रहा है. न्यूनतम मजदूरी अकुशल श्रमिकों के लिए 11,000 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से शुरू होने वाली नई दरें निर्धारित की गई हैं.

हज यात्रियों के इस मुद्दे पर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उठाई आवाज, केंद्रीय मंत्री को लिखी चिट्ठी