योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की कमान संभाले नौ साल पूरे हो चुके हैं. 25 मार्च को उनके दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरे हो रहे हैं. उनके नौ वर्षों के कार्यकाल में गरीब कल्याण योजनाओं से अंत्योदय यानी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान का संकल्प, सिद्धि में बदलता दिखा है. गोरखपुर में भी अंत्योदय का संकल्प श्रमिकों, गरीबों के सतत कल्याण के रूप में साकार हुआ है. योगी सरकार के विजन और मिशन ने न केवल बुनियादी ढांचे को बदला है, बल्कि दशकों से उपेक्षित समुदायों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लाया है.

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योगी सरकार में श्रमिकों की स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है. श्रमिक हित की सरकारी योजनाओं के साथ ही सबसे बड़ा कदम श्रमिकों के पाल्यों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए उठाया गया है. इसका जरिया बना है मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय. गोरखपुर में श्रमिकों के पाल्यों और कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों का जीवन संवारने के लिए सहजनवा में बने अटल आवासीय विद्यालय की शुरुआत शैक्षिक सत्र 2023-24 से हुई.

बोर्डिग स्कूल का चौथा सत्र संचालित

सरकारी बोर्डिंग जैसे इस स्कूल में इस बार यहां चौथे सत्र का संचालन होने जा रहा है. गोरखपुर के उप श्रम आयुक्त शक्ति सेन मौर्या के अनुसार अटल आवासीय विद्यालय उत्तर प्रदेश भवन एंव अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित होता है. इसमें प्रवेश के लिए उत्तर प्रदेश भवन एंव अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे तथा कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चे पात्र होते हैं. अटल आवासीय विद्यालय में रहने, खाने, पढ़ने तथा पाठ्येतर गतिविधियों की उत्कृष्ट व्यवस्था पूरी तरह मुफ्त होती है.

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आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए योजनाएं जारीं

आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए दो तरह की चिंता सर्वाधिक होती है. खुद का पक्का मकान और बिटिया की शादी. सरकार ने ये दोनों चिंताएं दूर कर दी हैं. गरीबों को पक्के मकान के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का बखूबी क्रियान्वयन योगी सरकार ने करके दिखाया है. गोरखपुर में अबतक 61528 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्का आवास उपलब्ध हुआ है.

2653 गरीबों को मिले पक्के आवास

इसके अलावा सीएम योगी द्वारा राज्य स्तर पर चलाई गई मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत भी 2653 गरीब ग्रामीणों को पक्के आवास की सुविधा दी गई है. ग्रामीण गरीबों के अतिरिक्त शहरी क्षेत्र में भी 52 हजार से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से लाभान्वित किया गया है.

गरीब परिवार की बिटिया की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना भी अंत्योदय का माध्यम बनी है. योगी सरकार अकेले गोरखपुर जिले में करीब बारह हजार बेटियों के हाथ इस योजना के जरिये पीले करा चुकी है. यही नहीं, अब इस योजना में प्रति विवाह धनराशि भी बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है.

वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ा

वंचितों का उत्थान कैसे किया जा सकता है, इसकी नजीर योगी सरकार ने वनटांगिया समुदाय को विकास की मुख्य धारा से जोड़कर पेश की है. वन तानिया समुदाय आजादी के पहले से लेकर आजादी मिलने के बाद भी करीब सात दशक तक वंचितों में वंचित श्रेणी का था. सुविधाओं की बात तो दूर, राजस्व अभिलेख में इस समुदाय के लोग नागरिक के रूप में भी दर्ज नहीं थे.

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाया. इसके बाद वनटांगिया गांवों में पक्के आवास, स्कूल, बिजली और सड़कों का जाल बिछ गया. शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिलने से वनटांगिया परिवारों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है.