Basti Bulldozer: यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि किसी गरीब परिवार का घर बुलडोजर से नहीं गिराया जाएगा बावजूद इसके अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं. हाल ही में कानपुर में मां बेटी की मौत के बाद जहां बुलडोजर की कार्रवाई पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए तो वहीं अब बस्ती में आधा दर्जन परिवार इसके डर के साये में जीने को मजबूर हैं. डर इस बात का है कि ये बुलडोजर किसी और का नहीं बल्कि योगी सरकार का है. 

बस्ती मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बभनान नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 पटेल नगर में रहने वाले 5 परिवारों के आशियाने पर अब संकट खड़ा हो गया है. 2 दिन पहले जब हरैया तहसील के अधिकारी इन परिवारों के अवैध कब्जों को हटाने के लिए पहुंचे तो हड़कंप मच गया. लेखपाल एक तथाकथित रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक अधिकारी नवीन परती पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने पहुंचे थे, पीड़ित परिवार वीरे यादव का दावा है कि लेखपाल ने जिस जमीन को नवीन पड़ती बताया है वह असल में बंजर की जमीन है जिस पर वह लोग 20 साल से घर बनाकर रह रहे हैं. 

गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर का खतरा

वीरे यादव ने कहा कि उनके पास इसके अलावा कोई और मकान नहीं है. ऐसे में अगर उनके आशियाने पर बुलडोजर चला तो ये लोग खुले आसमान के नीचे आ जाएंगे. 2 दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने इस परिवार के द्वारा बंजर की जमीन पर कराए गए निर्माण को जबरन हटवा दिया जबकि ये परिवार रोते-बिलखते गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने एक न सुनी. पीड़ित परिवार का कहना है कि लेखपाल ने रिश्वत मांगी और जब वो पैसे नहीं दे पाए तो उनके खिलाफ रिपोर्ट लगा दी. इस परिवार का आधा मकान लेखपाल और प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा जबरन हटाया जा चुका है. जिसके बाद इनका सामान अब खुले आसमान के नीचे आ गया है. 

यहां रहने वाले राजेश्वरी प्रसाद भी अपने बच्चों के साथ पन्नी तानकर बंजर की जमीन में पिछले 20 साल से रह रहे हैं. अब उन्हें भी ये जमीन खाली करने का जिला प्रशासन के द्वारा सख्त निर्देश जारी कर दिया गया है. ऐसे में परिवार के सामने संकट है कि अगर उनकी पन्नी वाली झोपड़ी भी उजाड़ दी गई तो वो बेघर हो जाएगा. ऐसे में उसके सामने कोई रास्ता नहीं है कि वो क्या करें. वो सीएम योगी से गुहार लगा रहा है कि उसके छप्पर पर बुलडोजर न चलाया जाए.

लोगों ने लगाई सीएम योगी से गुहार

बिंदेश्वरी प्रसाद ने भी कहा कि उसके मकान को भी बुलडोजर से गिरा देने का अल्टीमेटम मौखिक तौर पर दे दिया गया है. उन्होंने कहा कि तुम्हारा मकान बंजर की जमीन में बना हुआ है इसलिए खुद ही अपने मकान को तोड़कर हटा लो, वरना बुलडोजर से उसे गिरा दिया जाएगा. पीड़ित बिंदेश्वरी प्रसाद ने कहा कि जब उसके पास रहने के लिए मकान ही नहीं होगा तो वह जी कर क्या करेगा. इसलिए अगर जिला प्रशासन उसके आशियाने पर कार्रवाई करता है तो वह आत्महत्या कर लेगा. 

इस पूरे मामले को लेकर हरैया तहसील के उपजिलाधिकारी गुलाब चंद्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है. वो इस पर लेखपाल से पूरी रिपोर्ट मंगवाएंगे और आकलन करने के बाद उचित निर्णय लेंगे. इसके अलावा किसी भी गरीब परिवार को बेघर नहीं किया जाएगा ना ही उसके आशियाने पर गलत तरीके से बुलडोजर चलेगा. 

ये भी पढ़ें- Rampur News: अगर ऐसा हुआ तो स्वार सीट पर सपा का नाम भूल जाएंगे लोग, हमजा मियां ने किया बड़ा दावा