हरियाणा के यमुनानगर जिले के ब्लॉक सरस्वतीनगर के अकालगढ़ के माजरा गांव में शिक्षा व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. यहां स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों के लिए रास्ता तक नहीं है. बच्चे खेतों की मेड़ से होकर स्कूल पहुंचते हैं और सामने 30 फीट गहरा तालाब खतरे को और बढ़ा देता है. 

Continues below advertisement

सूनसान रास्ते में जहरीले जीव-जंतुओं और जानवरों का डर बना रहता है. हालात ये हैं कि शिक्षक बच्चों को घर छोड़ने जाते हैं और अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल लाना-ले जाना पड़ता है. कभी 100 से ज्यादा छात्र थे, अब संख्या महज 25 रह गई है.

यह भी पढ़ें: अभय चौटाला का भूपेंद्र हुड्डा पर बड़ा हमला, कहा- ये वोट बेचकर आए हैं

Continues below advertisement

शिक्षकों को बच्चों को घर छोड़ने जाना पड़ता है 

यमुनानगर जिले के अकालगढ़ के माजरा गांव का स्कूल आज अपनी बदकिस्मती पर आंसू बहा रहा है. स्कूल में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है. बच्चे खेतों की मेड़ से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. रास्ता सूनसान है और खतरा हर कदम पर मौजूद है. स्कूल के ठीक सामने करीब 30 फीट गहरा तालाब है. 

आसपास जहरीले जीव-जंतु पहुंच रहे हैं और अभिभावकों को डर है कि कहीं बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए. छात्रा माही ने बताया कि स्कूल आने-जाने में डर लगता है  क्योंकि यहां चलना भी मुश्किल है. हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बच्चों को स्कूल से घर छोड़ने के लिए शिक्षक खुद जाते हैं. वहीं अभिभावकों को भी रोज बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस लेकर आने की मजबूरी है. 

कई बार मुद्दा उठाया गया-स्थिति नहीं बदली 

अभिभावकों का कहना है कि वे कई बार सरकार और प्रशासन के सामने समस्या उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि जिस स्कूल तक रास्ता ही नहीं है, वहां चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ कैसे बने? बताया गया कि रास्ता न होने के कारण यहां स्थायी तौर पर बूथ नहीं बनाया जाता और टेंपरेरी बूथ पर मतदान करवाया जाता है. 

लगातार गिर रही छात्र संख्या 

इस बदहाल व्यवस्था का असर अब बच्चों की संख्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है. स्कूल टीचर के मुताबिक कभी इस स्कूल में 100 से ज्यादा छात्र पढ़ते थे लेकिन रास्ते की समस्या और खतरे के चलते अब महज 25 छात्र ही रह गए हैं. बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये देश का ऐसा बदकिस्मत स्कूल है जहां बच्चों के लिए रास्ता तक नहीं है. अगर किसी बच्चे के साथ कुछ हो गया तो जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

यह भी पढ़ें: हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर की दिनदहाड़े हत्या, शूटर गिरफ्तार