अमेठी: प्रसव पीड़ा से पत्नी की मौत, सदमे से पति ने तोड़ा दम, गांव में मातम
Amethi News: अमेठी के जायस में प्रसव पीड़ा से पत्नी की मौत से सदमे में पति ने भी दम दिया है. घटना से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय लोगों की आखें दोनों की अर्थियों के समय नम नजर आईं.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक पति अपनी पत्नी की मौत की खबर से इलाका दहल उठा है. प्रसव पीड़ा से पत्नी की मौत के कुछ घंटों बाद ही पति ने भी दम तोड़ दिया. गुरुवार (6 नवंबर) को जब एक ही घर से दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो पूरा मोहल्ला बिलख पड़ा. हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल में सिर्फ मातम था. मिली जानकारी से पता चला है कि जायस नगर के निखई वार्ड निवासी आकाश (22 वर्ष) की शादी करीब एक साल पहले ज्योति (20 वर्ष) से हुई थी. दोनों की जोड़ी बेहद खुशहाल थी और कुछ ही महीनों में दोनों अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले थे.
8 महीने की गर्भवती थी मृतका
ज्योति आठ माह की गर्भवती थीं. मंगलवार दोपहर अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिवारजन उन्हें तत्काल संयुक्त जिला अस्पताल असैदापुर, गौरीगंज लेकर पहुंचे. वहां हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने देर रात ज्योति को एम्स रायबरेली रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने ज्योति को मृत घोषित कर दिया.
पत्नी की मौत की खबर सुनते ही पति आकाश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिवार वालों ने बताया कि आकाश ने खाना-पीना सब छोड़ दिया और लगातार अपनी पत्नी की तस्वीर को देखता रहा. वह बार-बार कहता रहा, “अब मैं किसके लिए जियूं.”
बुधवार (5 नवंबर) दोपहर करीब ढाई बजे अचानक आकाश बेहोश होकर गिर पड़ा. परिजन उसे लेकर अस्पताल भागे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हृदयगति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से हुई है.
आकाश पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था और शहर की एक दुकान पर काम करता था. पिता सत्यप्रकाश और मां तारावती बेटे और बहू दोनों की मौत के सदमे में बेसुध हैं. परिजन कहते हैं कि आकाश और ज्योति एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते थे, लगता है उसी का मोह दोनों को साथ ले गया.
पति-पत्नी की एक साथ उठी अर्थियां
गुरुवार को आकाश और ज्योति की अर्थियां एक साथ उठीं, तो पूरा मोहल्ला गम में डूब गया. चारों ओर सिर्फ मातम पसरा था. महिलाएं दहाड़ें मारकर रो रही थीं, बच्चे सिसकियां ले रहे थे. अर्थी यात्रा के दौरान कई लोगों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे.
गुरुवार को दोपहर में दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया. इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष महेश सोनकर, बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश कमल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे. हर कोई इस असहनीय दृश्य को देखकर भावुक हो उठा.
मामले पर पुलिस ने दी यह जानकारी
जायस कोतवाली पुलिस के अनुसार, परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया है. इस कारण न तो पंचनामा हुआ और न ही पोस्टमार्टम कराया गया. परिवार का कहना है कि अब हमें किसी जांच की नहीं, सिर्फ दोनों की आत्मा की शांति की चिंता है.
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस दंपत्ति की प्रेम और समर्पण की कहानी साझा कर रहे हैं. कई लोगों ने इसे “सच्चे रिश्ते की मिसाल” बताया, जहां एक की सांसें रुकते ही दूसरे की जिंदगी भी थम गई.
घटना पर स्थानीय लोगों ने का क्या कहना है?
जायस के स्थानीय लोग कहते हैं, “शादी को अभी साल भर ही हुआ था, दोनों हर दिन साथ हंसते-खेलते दिखाई देते थे. अब जब दोनों की अर्थी एक साथ निकली, तो पूरे कस्बे की आंखें भर आईं.”
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि सच्चे रिश्तों की डोर सिर्फ जन्मों तक नहीं, बल्कि मौत के पार तक जाती है. आकाश और ज्योति भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनके प्रेम और बिछोह की यह मार्मिक कहानी अमेठी की मिट्टी में हमेशा जीवित रहेगी.
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Source: IOCL





















