लखनऊ, एबीपी गंगा। सरकार भले ही महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को लेकर बड़े दावे करती हो लेकिन ऐसी घटनाएं पूरी तरह से नहीं रुक रही हैं। कामकाजी महिलाओं के साथ कर्मचारियों का व्यवहार और प्रताड़ना के मामले थम नहीं रहे हैं। राजधानी लखनऊ में डीआरएम दफ्तर में तैनात महिला सहायक अकाउंटेंट ने अपने साथी सहकर्मियों और अफसरों की प्रताड़ना से तंग आकर बहुमंजिला इमारत से कूदकर जान दे दी।

सुसाइड नोट में अफसरों पर लगाये आरोप

सोनी कुमारी बिहार के नालंदा की रहने वाली थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सोनी ने आलमबाग की वीजी रेलवे कॉलोनी की चौथी मंजिल से कूदकर सिर्फ इसलिए जान दे दी क्योंकि उसके सहकर्मियों और अफसरों ने उसका जीना दूभर कर दिया था। सोनी कुमारी ने मरने से पहले पुलिस के नाम लिखे सुसाइड नोट में अपना दर्द बयां किया है। सोनी ने सुसाइड नोट में अपने एसएसओ (सीनियर सेक्शन अफसर) आदित्य शुक्ला पर प्रताड़ित और बेइज्जत करने का पहला आरोप लगाया है। सोनी ने लिखा है कि मुझे कोई काम नहीं भी रहता है फिर भी.. हमेशा इधर से उधर भेजा जाता है। कार्यालय में हमेशा नीचा दिखाया जाता है। सुसाइड नोट में एसएसओ आदित्य शुक्ला के अलावा एसएसओ सोमेश मिश्रा, असिस्टेंट अकाउंटेंट आकाश कुमार, करुणेश कुमार और विवेक कुमार पर अभद्र बातें करने... गाना सुनाने...का आरोप लगाया है।

मृतका ने सहकर्मियों और अफसरों की इस करतूत की अपने बड़े अफसरों से भी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक तरफ साथियों की प्रताड़ना और बुरी नजर तो दूसरी ओर अफसरों के नकारात्मक रवैये से तंग आकर सोनी ने जान देना ही बेहतर समझा, और रविवार सुबह आलमबाग के बीजी कॉलोनी स्थित चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। फिलहाल पुलिस ने बिहार में रहने वाले मृतका के परिजनों को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एसपी सुरेश रावत ने बताया कि सोनी कुमारी की आत्महत्या का यह मामला इस बात की नजीर है... कि आज भी कामकाजी महिलाओं के लिए दफ्तर में काम करना दुश्वार है... सरकार और सरकारी तंत्र भले ही महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम दावे और वादे करें....लेकिन जमीनी हकीकत आज भी नहीं बदली है।