गाजियाबाद में वक्फ बोर्ड की जमीन से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. फर्जी मुतवल्ली बनकर आरोपी ने कई बार इसको बेच दिया. वक्फ बोर्ड की ये जमीन कोतवाली क्षेत्र के रमते राम रोड पर है. जमीन की कीमत 100 करोड़ से भी ज्यादा की बताई जा रही है. दरअसल, रमते राम रोड पर बाजार बना हुआ है. बाजार में कई शोरूम हैं. लिहाजा जमीन की कीमत काफी ज्यादा है. वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों ने पुलिस से इसकी शिकायत की है.

नवाब के परिवार से ताल्लुक रखता है आरोपीगाजीउद्दीन नाम  के नवाब के वक्त गाज़ियाबाद शहर आबाद हुआ था. उसी नवाब ने इस शहर का नाम गाजियाबाद रखा था. जमीन का ये खेल करने वाला सलीम खान उसी के परिवार से है. सलीम ने खुद को वक्फ बोर्ड का फर्जी तरीके से मुतवल्ली बताकर सैकड़ों रजिस्ट्री कर बेशकीमती जमीन को कौड़ियों के भाव बेच डाला. हालांकि अभी तक की जांच में 60 मामलों से पर्दा उठ सका है. 

अब तक सिर्फ तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज हुई हैं. वक्फ की जमीन पर चल रही व्यावसायिक गतिविधि के मामले में सिर्फ दो नोटिस जारी किए गए हैं. 

इस मामले में वादी ने बताया कि कई बार हमने डीएम साहब से मिलकर भी इस मामले को अवगत कराया है उन्होंने रिमार्क कराया है, लेकिन पुलिस से सांठगांठ कर आरोपी बच निकलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया बेहद लचर है.

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