विनोद साहनी मामले में अखिलेश ने संजय निषाद तक पहुंचाया संदेशा! इस बयान के क्या हैं मायने?
सपा चीफ अखिलेश यादव ने गोंडा के विनोद साहनी मामले के बाद संजय निषाद का जिक्र किए बिना सियासी संदेशा पहुंचाया है. उनके एक बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश स्थित गोंडा में विनोद साहनी के हत्याकांड के मामले में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद को सियासी संदेश देने की कोशिश की है.
सपा चीफ ने बिना नाम लिखे सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने पर पद मिल सकता है लेकिन सम्मान नहीं.
अखिलेश यादव क्या बोले?
यूपी के पूर्व सीएम ने लिखा कि भाजपा का राज सत्ता सजातीयों के ‘दंभ, घमंड, अहंकार’ का आपराधिक त्रिगुट है. जो लोग समझते हैं कि सत्ता के साथ रहकर उनकी इज़्ज़त और रुतबा बढ़ता है, वो भी अब समझ गये हैं कि भाजपा में दिखावे का पद तो मिल सकता है पर सम्मान नहीं.
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कन्नौज सांसद ने लिखा कि भाजपाई वर्चस्ववादी अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए किसी की हत्या भी कर सकते हैं किसी को भी ज़मीन पर बैठने को मजबूर कर सकते हैं. पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है और पीडीए की एकता भी.
क्या है मामला?
पारसपुर इलाके के रेक्सडिया गांव के रहने वाले विनोद कुमार साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे. उनकी गुरुवार, 10 सितंबर को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के अस्पताल में मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार शाम गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए झगड़े के बाद कुछ लोगों ने उन पर हमला किया था.
पुलिस ने बताया कि साहनी ने तीन हमलावरों की पहचान कर ली थी, जबकि साहनी की शिकायत के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह समेत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) राधेश्याम राय ने बताया कि साहनी की मौत के बाद FIR में हत्या का आरोप भी जोड़ दिया गया.





















