कानपुर, एजेंसी। डकैती छोड़कर नेता बनीं दिवंगत पूर्व सांसद फूलन देवी की कथित संलिप्तता वाले चार दशक पुराने बेहमई कांड मामले में विशेष अदालत में सुनवाई अब 30 जनवरी को होगी। विशेष न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत में इस मामले पर 18 जनवरी को फैसला आना था लेकिन केस डायरी न उपलब्ध होने की वजह से मामले को आज 24 जनवरी के लिए निर्धारित किया गया था। जस्टिस केस डायरी उपलब्ध न कराने पर अदालत के कर्मचारियों पर नाराजगी भी जतायी थी। सरकारी वकील राजू पोरवाल ने बताया कि चैम्बर मामले पर आज वकीलों की हड़ताल के कारण मामला 30 जनवरी तक के लिये स्थगित कर दिया गया।

क्या था बेहमई कांड 14 फरवरी 1981 को सिकंदरा थाना क्षेत्र के बेहमई गांव में दस्यु सुंदरी फूलन देवी, राम औतार, मुस्तकीम और लल्लू गैंग से जुड़े लोगों ने धावा बोल दिया था। डकैतों ने लूटपाट के साथ ही 26 पुरुषों को गांव के बाहर कतारबद्ध खड़ा कर अधाधुंध फायरिंग की थी। जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गांव के राजाराम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 23 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हो चुकी है।