उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रभाव लगातार जारी है. धर्मनगरी काशी भी इस समय भीषण ठंड की चपेट में है. जनवरी के पहले सप्ताह में वाराणसी में शीतलहर के साथ चल रही तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है. जनपद का न्यूनतम तापमान अब 7 डिग्री तक पहुंच चुका है.

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IMD रिपोर्ट की तरफ से एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का गंभीर प्रभाव देखा जा रहा है. तेज हवाओं के चलने के बीच देर रात से ही सुबह तक घना कोहरा भी छाया रहता है. जनवरी के पहले सप्ताह में न्यूनतम पारा लगातार लुढ़कता नजर आ रहा है, जो 7 डिग्री तक पहुंच चुका है.

अधिकतम तापमान 16 डिग्री रिकॉर्ड

जनपद वाराणसी में अधिकतम तापमान 16 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को भी जनपद वाराणसी को ठंड और शीतलहर से विशेष राहत के कोई आसार नहीं हैं. ठंड को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला प्रशासन द्वारा 6 जनवरी तक कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने का दिशा निर्देश दिया गया है. यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

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रैन बसेरे और अलाव की व्यवस्था

जनपद वाराणसी में अलग-अलग जगह पर बनाए गए रैन बसेरे और अलाव की व्यवस्था के साथ लोग बचाव और राहत लेते हुए देखे जा रहे हैं. काशी में पूरे दिन शीतलहर का प्रभाव बना रहता है. हालांकि इस दौरान दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकलने की वजह से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिल जाती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की ठंड काफी कड़ाके की है और रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. प्रशासन की तरफ से गरीब और बेसहारा लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.